Tesla Cybertruck: तकनीक पर ज्यादा भरोसा करना हो सकता है खतरनाक, टेस्ला साइबरट्रक का सेल्फ-ड्राइव मोड फेल
तकनीक पर ज्यादा भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। आपको यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है। लेकिन शायद, सिर्फ शायद, गाड़ी चलाते समय अपने हाथों को स्टीयरिंग पर और आंखों को सड़क पर रखना ही सबसे सही तरीका है।
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फ्लोरिडा के सॉफ्टवेयर डेवलपर और टेस्ला साइबरट्रक के मालिक, जोनाथन चैलिंजर, ने इस हादसे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (एक्स) पर साझा की। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गया। चैलिंजर के मुताबिक, उन्होंने टेस्ला के एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के फुल सेल्फ-ड्राइविंग मोड को एक्टिवेट किया था।
गाड़ी दाहिने लेन में थी और उसे बाएं मुड़ना था, लेकिन सिस्टम इस मोड़ को पहचान नहीं पाया और गाड़ी सीधे चलती रही। जिससे वह फुटपाथ पर एक इलेक्ट्रिक पोल से टकरा गई। सौभाग्य से, उस समय वहां कोई पैदल यात्री या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।
इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई, यहां तक कि जोनाथन चैलिंजर को भी, लेकिन साइबरट्रक को जरूर नुकसान पहुंचा। उन्होंने स्वीकार किया कि तकनीक पर पूरी तरह भरोसा करना उनकी गलती थी। और उन्होंने दूसरों से इस गलती को न दोहराने की अपील की।
Soooooo my @Tesla @cybertruck crashed into a curb and then a light post on v13.2.4.
— Jonathan Challinger (@MrChallinger) February 9, 2025
Thank you @Tesla for engineering the best passive safety in the world. I walked away without a scratch.
It failed to merge out of a lane that was ending (there was no one on my left) and made… pic.twitter.com/vpT4AGz8jZ
टेस्ला अपने फुल सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम को ADAS फीचर्स के सुपरहीरो के रूप में प्रचारित कर रही है। क्योंकि यह लेन बदल सकता है, शहर में स्टेयरिंग को कंट्रोल कर सकता है, ऑटो पार्किंग कर सकता है और भी बहुत कुछ कर सकता है। लेकिन तमाम प्रचार के बावजूद, टेस्ला कंपनी खुद भी इस बात पर जोर देती है कि इस तकनीक का इस्तेमाल हमेशा ड्राइवर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए। क्योंकि कई बार मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत पड़ सकती है।