भारत में रोड रेज के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन खबरों में रोड रेज के नए मामले सामने आते रहते हैं। हाल ही में जम्मू से एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक थार चालक स्कूटी सवार बुजुर्ग को पहले टक्कर मारता है फिर कार रिवर्स करके उन्हें कुचलने की कोशिश करता है। हर दिन ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिसमें छोटी-छोटी बातों को लेकर वाहन चालक एक दूसरे से झगड़ा कर बैठते हैं और नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। लेकिन भारत में रोड रेज के मामले इन दिनों इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं और लोग इतने हिंसक क्यों हो रहे हैं? आइए जानने की कोशिश करते हैं।
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2 लाख के पार हुए रोड रेज के मामले
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बढ़ रही हैं रोड रेज की घटनाएं
बीते कुछ वर्षों में भारत में 'रोड रेज' की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। केंद्रीय सड़क एंव परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च 2022 में संसद के समक्ष इससे जुड़े आंकड़े पेश किए थे। उनके मुताबिक, साल 2019 में देश में 'रोड रेज' और लापरवाही से गाड़ी चलाने के डेढ़ लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। 2020 में इनकी संख्या बढ़कर 1,83,000 हजार पर पहुंच गई थी। साल 2021 में इन मामलों की संख्या और ज्यादा बढ़कर 2,15,000 हजार हो गई।
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रोड रेज की घटनाएं क्यों होती हैं?
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रोड रेज की घटनाएं क्यों होती हैं?
रोड रेज की घटनाएं होंगी या नहीं ये वाहन चालक पर निर्भर करता है। सड़क पर वाहन चलाते समय कोई गलत मोड़ लेने पर या टक्कर होने पर लोग आक्रामक हो जाते हैं जो रोड रेज का कारण बनता है। इसके अलावा, दूसरे चालकों से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना भी झगड़े की वजह बन जाता है।
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तनाव बनती है वजह
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तनाव बनती है वजह
लोगों का यातायात नियम तोड़ना, गलत तरीके से ओवरटेकिंग करना, गलत साइड में गाड़ी चलाना, लगातार हॉर्न बजाना भी कई वाहन चालकों को परेशान कर देता है और वे हिंसक हो जाते हैं। इसके अलावा, अगर वाहन चालक किसी और कारण से तनाव में है या नशे की हालत में हैं तो रोड रेज होने की संभावना और भी बढ़ जाती है। देखा जाए तो इन स्थितियों में वाहन चालक धैर्य खो बैठता है दूसरों से भिड़ जाता है।
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छोटे वाहन चालक होते हैं शिकार
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छोटे वाहन चालक होते हैं शिकार
अक्सर देखा जाता है कि रोड रेज के मामलों में लोग अपने से कमजोर वाहन चालकों को प्रताड़ित करते हैं। जैसे कि कार वाले रिक्शे वालों से भिड़ जाते हैं या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ऐसा वे बड़ी गाड़ी वालों के साथ नहीं करते।