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Luxury EV Cars: लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर ज्यादा टैक्स! टेस्ला, बीएमडब्यू और बीवाईडी के लिए झटका
Wed, 03 Sep 2025 06:41 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 03 Sep 2025 06:41 PM IST
सार
जीएसटी काउंसिल ने 40 लाख रुपये से ऊपर की लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अगर यह लागू होता है तो भारत में टेस्ला, मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू और बीवाईडी जैसी कंपनियों की बिक्री पर सीधा असर पड़ सकता है।
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BMW iX1 LWB Electric Car
- फोटो : Amar Ujala/Amar Sharma
जीएसटी काउंसिल ने 40 लाख रुपये से ऊपर की लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अगर यह लागू होता है तो भारत में टेस्ला, मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू और बीवाईडी जैसी कंपनियों की बिक्री पर सीधा असर पड़ सकता है। दिलचस्प बात यह है कि यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ऑटो इंडस्ट्री एक सरल जीएसटी संरचना की उम्मीद कर रही थी, जिसके संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के भाषण में दिए थे।
Mercedes-Benz EQA and EQB Electric SUV
- फोटो : Mercedes-Benz
GST 2.0 क्या है?
पीएम मोदी ने इशारा किया है कि सरकार जीएसटी का नया वर्जन (GST 2.0) लाने की तैयारी में है। इसमें टैक्स स्लैब मौजूदा चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) से घटकर सिर्फ दो होंगे - 5% और 18%। इसके अलावा, लग्जरी सामान और सेवाओं के लिए 40 प्रतिशत का एक नया स्लैब बनाया जाएगा।
इस कदम के पीछे सरकार का मकसद घरेलू खपत बढ़ाना है। खासकर तब जब अमेरिका ने भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाए हैं और दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते तनाव में हैं।
यह भी पढ़ें - Vehicle GST: क्या है लग्जरी और आम आदमी का वाहन? कारों और मोटरसाइकिलों पर जीएसटी काउंसिल करेगी फैसला
पीएम मोदी ने इशारा किया है कि सरकार जीएसटी का नया वर्जन (GST 2.0) लाने की तैयारी में है। इसमें टैक्स स्लैब मौजूदा चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) से घटकर सिर्फ दो होंगे - 5% और 18%। इसके अलावा, लग्जरी सामान और सेवाओं के लिए 40 प्रतिशत का एक नया स्लैब बनाया जाएगा।
इस कदम के पीछे सरकार का मकसद घरेलू खपत बढ़ाना है। खासकर तब जब अमेरिका ने भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाए हैं और दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते तनाव में हैं।
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Mahindra XUV 3XO RevX Edition
- फोटो : Mahindra
आम कारें होंगी सस्ती
जीएसटी 2.0 के तहत लग्जरी कारों को छोड़कर बाकी सभी कारों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% करने की योजना है। इससे कार खरीदने वालों को बड़ा फायदा होगा और फेस्टिव सीजन में बिक्री बढ़ सकती है। लंबे समय से कमजोर बिक्री से जूझ रही इंडस्ट्री के लिए यह कदम राहत ला सकता है।
यह भी पढ़ें - Green Hydrogen: ग्रीन हाइड्रोजन क्या है? भारत में 35 इंजन इस तकनीक से होंगे तैयार, हर ट्रेन की कीमत करोड़ों में
यह भी पढ़ें - Highway: भारत के 10 हाईवे पर दौड़ेंगी ग्रीन हाइड्रोजन ट्रक, सरकार का बड़ा कदम
जीएसटी 2.0 के तहत लग्जरी कारों को छोड़कर बाकी सभी कारों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% करने की योजना है। इससे कार खरीदने वालों को बड़ा फायदा होगा और फेस्टिव सीजन में बिक्री बढ़ सकती है। लंबे समय से कमजोर बिक्री से जूझ रही इंडस्ट्री के लिए यह कदम राहत ला सकता है।
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BMW iX1 LWB Electric Car
- फोटो : Amar Ujala/Amar Sharma
लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों के लिए नई दरें
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल ने 20 से 40 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स 5% से बढ़ाकर 18% करने की सिफारिश की है। वहीं, 40 लाख से ऊपर की गाड़ियों पर टैक्स 28% करने का सुझाव दिया गया है। क्योंकि ये कारें ज्यादा महंगे सेगमेंट को टारगेट करती हैं और ज्यादातर आयातित होती हैं।
लेकिन चूंकि 28% वाला टैक्स स्लैब खत्म किया जा रहा है, इसलिए काउंसिल के पास दो ही विकल्प हैं। या तो इन्हें 18% वाले स्लैब में डाल दे, या फिर नए 40% वाले लग्जरी श्रेणी में।
इस प्रस्ताव पर 3-4 सितंबर को चल रही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में हो रही जीएसटी काउंसिल की बैठक में विचार किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें - 2025 Maruti Suzuki Ertiga: 2025 मारुति सुजुकी अर्टिगा नए फीचर्स के साथ अपडेट, जानिए पूरी डिटेल
यह भी पढ़ें - Tesla in India: भारत में टेस्ला की धूम नहीं! इसकी वजह कीमत या मस्क का है असर?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल ने 20 से 40 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स 5% से बढ़ाकर 18% करने की सिफारिश की है। वहीं, 40 लाख से ऊपर की गाड़ियों पर टैक्स 28% करने का सुझाव दिया गया है। क्योंकि ये कारें ज्यादा महंगे सेगमेंट को टारगेट करती हैं और ज्यादातर आयातित होती हैं।
लेकिन चूंकि 28% वाला टैक्स स्लैब खत्म किया जा रहा है, इसलिए काउंसिल के पास दो ही विकल्प हैं। या तो इन्हें 18% वाले स्लैब में डाल दे, या फिर नए 40% वाले लग्जरी श्रेणी में।
इस प्रस्ताव पर 3-4 सितंबर को चल रही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में हो रही जीएसटी काउंसिल की बैठक में विचार किया जा रहा है।
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2025 BYD Seal
- फोटो : Amar Sharma
लग्जरी कार कंपनियों को बड़ा झटका
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी अभी छोटी है। जिनकी अप्रैल से जुलाई तक कुल कार बिक्री में सिर्फ 5% रही। लेकिन इममें बढ़ोतरी तेज है। इस दौरान ईवी बिक्री 93% बढ़कर 15,500 यूनिट्स तक पहुंच गई।
सरकार के दस्तावेज में कहा गया है कि ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है। अभी 5% की दर इसीलिए रखी गई थी ताकि लोग ईवी की तरफ ज्यादा आकर्षित हों। लेकिन महंगी ईवी पर ज्यादा टैक्स लगाकर संदेश देना भी जरूरी है।
अगर यह प्रस्ताव लागू हुआ तो मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, बीवाईडी और टेस्ला जैसी कंपनियों की बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा। घरेलू कंपनियां जैसे महिंद्रा और टाटा मोटर्स भी प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि उनकी महंगी ईवी की संख्या फिलहाल कम है। सबसे बड़ा झटका विदेशी कंपनियों को लगेगा, क्योंकि उनके पास ज्यादा लग्जरी ईवी मॉडल हैं।
यह भी पढ़ें - 2026 Kawasaki Ninja ZX-6R: 2026 कावासाकी निंजा ZX-6R भारत में लॉन्च, जानें कीमत और क्या हुए बदलाव
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी अभी छोटी है। जिनकी अप्रैल से जुलाई तक कुल कार बिक्री में सिर्फ 5% रही। लेकिन इममें बढ़ोतरी तेज है। इस दौरान ईवी बिक्री 93% बढ़कर 15,500 यूनिट्स तक पहुंच गई।
सरकार के दस्तावेज में कहा गया है कि ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है। अभी 5% की दर इसीलिए रखी गई थी ताकि लोग ईवी की तरफ ज्यादा आकर्षित हों। लेकिन महंगी ईवी पर ज्यादा टैक्स लगाकर संदेश देना भी जरूरी है।
अगर यह प्रस्ताव लागू हुआ तो मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, बीवाईडी और टेस्ला जैसी कंपनियों की बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा। घरेलू कंपनियां जैसे महिंद्रा और टाटा मोटर्स भी प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि उनकी महंगी ईवी की संख्या फिलहाल कम है। सबसे बड़ा झटका विदेशी कंपनियों को लगेगा, क्योंकि उनके पास ज्यादा लग्जरी ईवी मॉडल हैं।
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