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Helmets: इंटरनेशनल रोड फेडरेशन चाहता है हेलमेट पर नहीं लगे जीएसटी, वजह है MoRTH के चौंकाने वाले आंकड़े
Wed, 01 Nov 2023 08:25 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 01 Nov 2023 08:25 PM IST
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हेलमेट
- फोटो : istock
दोपहिया वाहन चालकों का हेलमेट नहीं पहनना सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों का एक अहम कारण पाया गया है। ऐसे में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों की संख्या को कम करने के लिए और हेलमेट के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए इस पर माल और सेवा कर (जीएसटी) को कम करने का एक प्रस्ताव रखा गया है। इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (आईआरएफ) ने हेलमेट न पहनने के कारण दोपहिया वाहन चालकों की मौत की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। एजेंसी अब चाहती है कि हेलमेट पर जीएसटी पूरी तरह से हटा दिया जाए। इस समय भारत में हेलमेट की कीमतों में 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है।
बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन का उपयोग करते हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट में चिंताजनक खुलासा
मंगलवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 2022 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं पर एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पिछले साल 4.61 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। जिनमें 1.68 लाख से ज्यादा लोगों की जान चली गई। मरने वालों की कुल संख्या में से, लगभग 50,029 लोग बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन की सवारी कर रहे थे। उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा राइडर थे।
मंगलवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 2022 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं पर एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पिछले साल 4.61 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। जिनमें 1.68 लाख से ज्यादा लोगों की जान चली गई। मरने वालों की कुल संख्या में से, लगभग 50,029 लोग बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन की सवारी कर रहे थे। उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा राइडर थे।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
क्यों कम हो जीएसटी
ऐसे देश में जहां चार पहिया वाहनों की तुलना में दोपहिया वाहन ज्यादा बिकते हैं, वहां हेलमेट का इस्तेमाल अक्सर कम होता है। बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने के खिलाफ सख्त कानून होने के बावजूद, बड़े शहरों में भी लोग रोजाना इस ट्रैफिक नियम को तोड़ते हुए पाए जाते हैं। यह देखा गया है कि ज्यादातर दोपहिया वाहन चालक ऐसे हेलमेट खरीदना पसंद करते हैं जो सस्ते होते हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता से समझौता होता है और दुर्घटना की स्थिति में ये नाकाफी होते हैं। आईआरएफ के अध्यक्ष केके कपिला ने कहा, "आईआरएफ दृढ़ता से अनुशंसा करता है कि हेलमेट पर कोई जीएसटी नहीं होना चाहिए। इससे जनता के लिए मानक हेलमेट को ज्यादा किफायती बनाने में मदद मिलेगी। जो उन्हें घटिया गुणवत्ता के हेलमेट खरीदने से हतोत्साहित करेगा।''
ऐसे देश में जहां चार पहिया वाहनों की तुलना में दोपहिया वाहन ज्यादा बिकते हैं, वहां हेलमेट का इस्तेमाल अक्सर कम होता है। बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने के खिलाफ सख्त कानून होने के बावजूद, बड़े शहरों में भी लोग रोजाना इस ट्रैफिक नियम को तोड़ते हुए पाए जाते हैं। यह देखा गया है कि ज्यादातर दोपहिया वाहन चालक ऐसे हेलमेट खरीदना पसंद करते हैं जो सस्ते होते हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता से समझौता होता है और दुर्घटना की स्थिति में ये नाकाफी होते हैं। आईआरएफ के अध्यक्ष केके कपिला ने कहा, "आईआरएफ दृढ़ता से अनुशंसा करता है कि हेलमेट पर कोई जीएसटी नहीं होना चाहिए। इससे जनता के लिए मानक हेलमेट को ज्यादा किफायती बनाने में मदद मिलेगी। जो उन्हें घटिया गुणवत्ता के हेलमेट खरीदने से हतोत्साहित करेगा।''
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बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन का उपयोग करते हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
कितना है जुर्माना
केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 के मुताबिक, सभी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इस ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने पर दिल्ली में 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इससे तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 के मुताबिक, सभी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इस ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने पर दिल्ली में 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इससे तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
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बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन का उपयोग करते हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
इतने ज्यादा उल्लंघन
दिल्ली में बिना हेलमेट के वाहन चलाने के कई मामले सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल पहले चार महीनों के भीतर हेलमेट न पहनने पर दोपहिया वाहन चालकों के एक लाख से ज्यादा चालान काटे गए। आपको जानकर हैरत होगी कि इस साल जनवरी और अप्रैल के बीच बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों की संख्या, पिछले साल राष्ट्रीय राजधानी में इस उल्लंघन के लिए जारी किए गए चालान की कुल संख्या से ज्यादा हैं।
दिल्ली में बिना हेलमेट के वाहन चलाने के कई मामले सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल पहले चार महीनों के भीतर हेलमेट न पहनने पर दोपहिया वाहन चालकों के एक लाख से ज्यादा चालान काटे गए। आपको जानकर हैरत होगी कि इस साल जनवरी और अप्रैल के बीच बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों की संख्या, पिछले साल राष्ट्रीय राजधानी में इस उल्लंघन के लिए जारी किए गए चालान की कुल संख्या से ज्यादा हैं।