Honda Cars India Limited (HCIL) (होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड) ने सोमवार को Maruti Suzuki Toyotsu Private Limited (MSTI) (मारुति सुजुकी टोयोत्सु प्राइवेट लिमिटेड) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का एलान किया, ताकि अपने ग्राहकों को देश में उनके एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों (ELV) को स्क्रैप करने के लिए एंड-टू-एंड सॉल्यूशन की पेशकश की जा सके। कंपनी का कहना है कि इससे उसके ग्राहकों को अपने पुराने वाहनों के लिए सबसे ज्यादा वेल्यू हासिल करने में मदद मिलेगी जिनकी लाइफ पूरी हो गई है।
2 of 5
vehicle scrappage
- फोटो : For Reference Only
यह बताते हुए कि कैसे MSTI सरकार द्वारा अनुमोदित ELV स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग कंपनी है, होंडा का कहना है कि यह साझेदारी के तहत पुराने वाहनों को वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से स्क्रैप किया जाएगा। यह सर्विस शुरू में दिल्ली एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शुरू होगी, और बाद में देश के अन्य क्षेत्रों में इसका विस्तार किया जाएगा।
3 of 5
होंडा कार्स इंडिया
- फोटो : सोशल मीडिया
होंडा कार्स इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ ताकुया सुमुरा ने कहा, "हम अपने डीलरों के जरिए अपने ग्राहकों को उनकी पुरानी कारों को व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन की पेशकश करके खुश हैं। इस साझेदारी के साथ होंडा कार्स इंडिया अपने ग्राहकों को सर्विस देने और उन्हें खुश करने से आगे जाने का इरादा रखती है।"
4 of 5
Toyota
- फोटो : Agency (File Photo)
साझेदारी के हिस्से के रूप में, होंडा का कहना है कि ग्राहक अपने वाहनों का मूल्यांकन करवा सकते हैं, वाहन के स्क्रैपेज वैल्यू के लिए एक बोली ले सकते हैं, वाहन पिक-अप, परिवहन और डिसमेंटलिंग और जमा प्रमाणपत्र हासिल कर सकते हैं। जमा और स्क्रैप के प्रमाण पत्रों के जरिए ग्राहक देश की वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत मिलने वाले बेनिफिट्स का दावा कर सकेंगे। इसके अलावा ग्राहकों को यह जानकर खुशी होगी कि उनके पुराने वाहनों का बाद में दुरुपयोग नहीं किया जाएगा, जिससे उन्हें होने वाली किसी भी कानूनी पचड़े से मुक्ति मिलेगी।
5 of 5
vehicle scrappage
- फोटो : For Reference Only
भारत में व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी का मकसद पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को सड़कों से हटाना है और इस तरह नए या नए वाहनों की मांग को बढ़ावा देना है।