कार मालिक अपनी गाड़ी को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त लाइटिंग, बेहतर ऑडियो सिस्टम, डैश कैम या कम्फर्ट से जुड़े ऐड-ऑन लगवाते रहे हैं। लेकिन पेट्रोल या डीजल कारों के उलट, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पूरी तरह इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर निर्भर होते हैं। इसलिए यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज ईवी की महंगी बैटरी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसका सीधा जवाब है कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि एक्सेसरीज किस बैटरी से पावर ले रही हैं और उन्हें कैसे इंस्टॉल किया गया है।
EV: ईवी में बाजार से एक्सेसरी लगाना सुरक्षित है या नहीं? मॉडिफिकेशन से पहले सोचें, बैटरी और जेब दोनों बचाएं
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के साथ कई लोग अपनी गाड़ी में डैश कैम, अतिरिक्त लाइटिंग या बेहतर ऑडियो सिस्टम जैसी आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज लगवाना चाहते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसे बदलाव ईवी की बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं या वारंटी पर असर डाल सकते हैं? इस रिपोर्ट में जानते हैं कि ईवी में मौजूद अलग-अलग बैटरियों का रोल क्या है और किन बातों का ध्यान रखकर आप सुरक्षित रूप से एक्सेसरीज इस्तेमाल कर सकते हैं।
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EV में कितनी बैटरियां होती हैं और उनका काम क्या है?
एक ईवी में असल में दो अलग-अलग बैटरियां होती हैं। इन्हें समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहीं से सुरक्षा और जोखिम का फर्क तय होता है।
प्रोपल्शन (हाई-वोल्टेज) बैटरी क्या होती है?
यह वही बड़ी लिथियम-आयन बैटरी होती है जो मोटर को पावर देती है और गाड़ी की ड्राइविंग रेंज तय करती है। यह आमतौर पर 300V से 800V के बीच काम करती है।
- यही बैटरी गाड़ी चलाने, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और बड़े सिस्टम्स को संभालती है।
- इसे एक जटिल बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) कंट्रोल करता है।
- इस बैटरी से सीधे एक्सेसरी जोड़ना असुरक्षित है और ऐसा करने से वारंटी भी रद्द हो सकती है।
12V (ऑक्जिलरी) बैटरी का क्या रोल होता है?
ईवी में भी एक छोटी 12-वोल्ट बैटरी होती है, बिल्कुल पेट्रोल या डीजल कार की तरह।
- यह लाइट्स, इंफोटेनमेंट स्क्रीन, लॉक-अनलॉक सिस्टम और सेंसर जैसे लो-वोल्टेज सिस्टम चलाती है।
- ज्यादातर आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज (LED लाइट्स, डैश कैम, स्पीकर्स) इसी 12V सिस्टम से जुड़ती हैं।
- चूंकि 12V बैटरी और हाई-वोल्टेज बैटरी अलग-अलग होती हैं, इसलिए आमतौर पर एक्सेसरीज का मुख्य ड्राइव बैटरी से कोई सीधा संपर्क नहीं होता। और यही जोखिम को काफी हद तक कम करता है।
फिर भी 12V बैटरी से जुड़ी एक्सेसरीज में खतरा क्यों है?
इसका मतलब यह नहीं कि आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं। ईवी में 12V बैटरी अक्सर कम क्षमता वाली होती है, क्योंकि उस पर आमतौर पर कम लोड रहता है।
अगर आप ऐसी एक्सेसरीज लगवा लेते हैं जो 12V सिस्टम से जरूरत से ज्यादा पावर खींचती हैं, तो ये समस्याएं आ सकती हैं-
- 12V बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होना
- बैटरी की उम्र कम होना
- वाहन के कंट्रोल सिस्टम से बार-बार एरर मैसेज आना
- लॉक-अनलॉक या स्टार्ट-स्टॉप जैसे सिस्टम का फेल होना
यह भले ही मुख्य बैटरी को नुकसान न पहुंचाए, लेकिन असुविधा और अतिरिक्त खर्च जरूर बढ़ा सकता है।
मुख्य ईवी बैटरी को नुकसान कब हो सकता है?
खतरा तब गंभीर हो जाता है जब कोई व्यक्ति हाई-पावर एक्सेसरी को सीधे मुख्य बैटरी से जोड़ने की कोशिश करता है, फैक्ट्री वायरिंग को बायपास करता है या मेन पावर केबल में छेड़छाड़ करता है।
ऐसा करने से-
- ईवी का BMS सिस्टम गड़बड़ा सकता है
- बड़ी तकनीकी खराबी हो सकती है
- वारंटी खत्म हो सकती है
- मरम्मत का खर्च बेहद महंगा पड़ सकता है