2023-24 के पहले छह महीनों के दौरान इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 16 प्रतिशत बढ़कर 3.4 लाख यूनिट हो गई है। हालांकि सरकार द्वारा 1 जून से फेम-2 सब्सिडी में कटौती के बाद तत्काल हफ्तों में बिक्री प्रभावित हुई थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों में वे स्थिर होती दिख रही हैं क्योंकि उपभोक्ता बिना सब्सिडी के जीवन जीने के आदी हो रहे हैं।
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इसकी वजह से, जून में 3.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 45,806 यूनिट्स की बिक्री बढ़ोतरी के बाद, अगस्त और सितंबर में उनकी बिक्री लगभग 62,000 यूनिट्स तक बढ़ गई है। जबकि साल-दर-साल बढ़ोतरी सकारात्मक बनी हुई है, महीने-दर-महीने बढ़ोतरी जुलाई में 18.5 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 15 प्रतिशत और सितंबर में सपाट नकारात्मक 1.5 प्रतिशत हो गई है।
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चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान कुल मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण 51 प्रतिशत बढ़कर 7.4 लाख यूनिट्स हो गया। इसमें से आधे से ज्यादा हिस्सा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का था। अनुमान है कि पहले छह महीनों के दौरान इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर पंजीकरण 163 प्रतिशत बढ़कर 42,323 यूनिट्स हो गया, जो कि एक साल पहले की अवधि में 16,095 यूनिट्स था।
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सीईईडब्ल्यू सेंटर फॉर एनर्जी फाइनेंस के निदेशक गगन सिद्धू ने कहा, "राष्ट्रीय स्तर पर (31 अगस्त तक) सभी ईवी बिक्री में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है, जबकि एक अन्य प्रमुख श्रेणी ई-रिक्शा की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत है। इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में अनुमानित गिरावट से पहले मई 2023 में रिकॉर्ड बिक्री देखी गई। जून में फेम-2 में संशोधन हुआ, लेकिन डाउनवर्ड (नीचे की ओर) संशोधन से बिक्री में गिरावट आई। जून के बाद से, इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार लगातार ठीक हो रहा है।''
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सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा, "मांग में महीने-दर-महीने गिरावट आई है, जिससे नीति आयोग के 20 लाख से ज्यादा यूनिट्स के लक्ष्य तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा, लेकिन त्योहारी सीजन की पेशकश और छूट, बिक्री में कुछ खोई हुई रफ्तार को पटरी पर ला सकती है।"