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Auto: भारत में बदल रहा है वाहन खरीदने का तरीका, ग्राहक गुणवत्ता और सुरक्षा को दे रहे तवज्जो, रिपोर्ट में दावा
Thu, 17 Apr 2025 08:10 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 17 Apr 2025 08:10 PM IST
सार
भारत का ऑटोमोबाइल बाजार तेजी से बदल रहा है। डेलॉइट की 2025 ग्लोबल ऑटोमोटिव कंज्यूमर स्टडी के मुताबिक, अब 76 प्रतिशत भारतीय ग्राहक सीधे मैन्युफैक्चरर से गाड़ी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
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कार शोरुम पर खरीदारों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
भारत का ऑटोमोबाइल बाजार तेजी से बदल रहा है। डेलॉइट की 2025 ग्लोबल ऑटोमोटिव कंज्यूमर स्टडी के मुताबिक, अब 76 प्रतिशत भारतीय ग्राहक सीधे मैन्युफैक्चरर से गाड़ी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। लोगों का भरोसा अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ रहा है और पारंपरिक डीलरशिप मॉडल से दूरी बनती नजर आ रही है। यही ट्रेंड दिखाता है कि कैसे ऑटो कंपनियां (ओईएम) खुद अपने बिक्री नेटवर्क के जरिए खरीद प्रक्रिया को बदल रही हैं।
Car Showroom
- फोटो : Freepik
कार खरीदते समय क्वालिटी और सेफ्टी सबसे बड़ी प्राथमिकता
जैसे-जैसे भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार परिपक्व हो रहा है, ग्राहक अब गाड़ियों की क्वालिटी और सेफ्टी को सबसे ज्यादा तवज्जो देने लगे हैं। करीब 62 प्रतिशत भारतीयों के लिए कार खरीदते वक्त ये दोनों चीजें सबसे अहम हैं। जर्मनी और जापान जैसे देशों में जहां ग्राहक कीमत को ज्यादा महत्व देते हैं।
वहीं भारत में कीमत से ज्यादा परफॉर्मेंस, मजबूती और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को महत्व दिया जा रहा है। अब गाड़ियों में एडवांस फीचर्स और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस ही ब्रांड चुनने का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें - 2025 Kawasaki Ninja 650 KRT: भारत में लॉन्च हुई 2025 निंजा 650 केआरटी एडिशन, जानें कीमत और खूबियां
जैसे-जैसे भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार परिपक्व हो रहा है, ग्राहक अब गाड़ियों की क्वालिटी और सेफ्टी को सबसे ज्यादा तवज्जो देने लगे हैं। करीब 62 प्रतिशत भारतीयों के लिए कार खरीदते वक्त ये दोनों चीजें सबसे अहम हैं। जर्मनी और जापान जैसे देशों में जहां ग्राहक कीमत को ज्यादा महत्व देते हैं।
वहीं भारत में कीमत से ज्यादा परफॉर्मेंस, मजबूती और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को महत्व दिया जा रहा है। अब गाड़ियों में एडवांस फीचर्स और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस ही ब्रांड चुनने का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं।
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Car Showroom
- फोटो : Freepik
टेक्नोलॉजी को लेकर भी भारतीय ग्राहक तैयार
भारतीय ग्राहक नई टेक्नोलॉजी के लिए भी तेजी से खुल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 88 प्रतिशत भारतीय ग्राहक अपनी निजी जानकारी कार कंपनियों या थर्ड पार्टी को देने के लिए तैयार हैं। बशर्ते इसके बदले उन्हें एंटी-थेफ्ट ट्रैकिंग जैसी सर्विस मिलती हो। ये आंकड़ा अमेरिका के मुकाबले काफी ज्यादा है, जहां सिर्फ 60 प्रतिशत लोग ऐसा करने को तैयार हैं।
इसके अलावा, 82 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि अगर कारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल होगा, तो उनका एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाएगा। स्मार्टफोन इंटीग्रेशन और स्मूथ कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स अब कार खरीदने में जरूरी उम्मीदें बन गई हैं।
यह भी पढ़ें - 2025 Skoda Kodiaq: भारत में लॉन्च हुई नई स्कोडा कोडियाक, फॉर्च्यूनर को देगी टक्कर, जानें कीमत और फीचर्स
भारतीय ग्राहक नई टेक्नोलॉजी के लिए भी तेजी से खुल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 88 प्रतिशत भारतीय ग्राहक अपनी निजी जानकारी कार कंपनियों या थर्ड पार्टी को देने के लिए तैयार हैं। बशर्ते इसके बदले उन्हें एंटी-थेफ्ट ट्रैकिंग जैसी सर्विस मिलती हो। ये आंकड़ा अमेरिका के मुकाबले काफी ज्यादा है, जहां सिर्फ 60 प्रतिशत लोग ऐसा करने को तैयार हैं।
इसके अलावा, 82 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि अगर कारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल होगा, तो उनका एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाएगा। स्मार्टफोन इंटीग्रेशन और स्मूथ कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स अब कार खरीदने में जरूरी उम्मीदें बन गई हैं।
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- फोटो : Freepik
ईवी में बढ़ती दिलचस्पी, पर कीमत अब भी चिंता
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) का बाजार भारत में धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। कीमत और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अभी भी बड़ी रुकावट हैं, फिर भी लोगों की दिलचस्पी कम नहीं हो रही।
रिपोर्ट बताती है कि 21 प्रतिशत भारतीय ग्राहक हाइब्रिड गाड़ियों की ओर और 8 प्रतिशत बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (BEV) की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा, 36 प्रतिशत ग्राहक फास्ट-चार्जिंग जैसे फीचर्स की मांग कर रहे हैं, जो ईवी से जुड़ी बढ़ती उम्मीदों को दर्शाता है।
यह भी पढ़ें - Highways: नितिन गडकरी ने कहा- भारत का लक्ष्य प्रतिदिन 100 किमी राजमार्ग बनाना है, भौतिक टोल प्लाजा हटाए जाएंगे
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) का बाजार भारत में धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। कीमत और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अभी भी बड़ी रुकावट हैं, फिर भी लोगों की दिलचस्पी कम नहीं हो रही।
रिपोर्ट बताती है कि 21 प्रतिशत भारतीय ग्राहक हाइब्रिड गाड़ियों की ओर और 8 प्रतिशत बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (BEV) की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा, 36 प्रतिशत ग्राहक फास्ट-चार्जिंग जैसे फीचर्स की मांग कर रहे हैं, जो ईवी से जुड़ी बढ़ती उम्मीदों को दर्शाता है।
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- फोटो : Hyundai
ब्रांड बदलने के लिए भी तैयार हैं ग्राहक
एक और दिलचस्प बात यह है कि भारतीय ग्राहक ब्रांड बदलने में भी हिचक नहीं दिखा रहे। रिसर्च के अनुसार, 72 प्रतिशत भारतीय ग्राहक नई टेक्नोलॉजी और एडवांस फीचर्स के चलते अपना कार ब्रांड बदलने के लिए तैयार हैं। यह आंकड़ा चीन के बाद सबसे ज्यादा है और अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों से काफी आगे है।
यह भी पढ़ें - Ethanol: भारत का इथेनॉल अभियान, अब सरकार का लक्ष्य 2030 तक पेट्रोल में 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण करना है
एक और दिलचस्प बात यह है कि भारतीय ग्राहक ब्रांड बदलने में भी हिचक नहीं दिखा रहे। रिसर्च के अनुसार, 72 प्रतिशत भारतीय ग्राहक नई टेक्नोलॉजी और एडवांस फीचर्स के चलते अपना कार ब्रांड बदलने के लिए तैयार हैं। यह आंकड़ा चीन के बाद सबसे ज्यादा है और अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों से काफी आगे है।
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