अगर आप सेकेंड हैंड या यूज्ड कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको हमारी यह खबर पूरी पढ़नी चाहिए। दरअसल हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। नोएडा में पुलिस ने मनोत्तम त्यागी नाम के एक ऐसे चोर को पकड़ा है, जिसने ओएलएक्स पर अपने दोस्त की कार को 12 बार बेचा।
यह चोर अपने दोस्त की कार को बेचने के लिए पहले ओएलएक्स पर विज्ञापन डालता था। इसके बाद करीब डेढ़ लाख रुपये में कार बेच देता था। कार बेचने से पहले आरोपी उसकी डुप्लीकेट चाबी बनाकर रख लेता था और कार में जीपीएस लगा देता था। कार बेचने के बाद ही वह जीपीएस से उस पर नजर रखता था और एक सप्ताह के अंदर ही वह डुप्लीकेट चाबी के माध्यम से कार चुरा लेता था। इसके बाद वह गाड़ी का नंबर बदल कर फिर से ओएलएक्स पर विज्ञापन डालकर कार बेच देता था।
कहीं आपके साथ भी ऐसा न हो इसलिए आज हम आपको उन पांच बड़ी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सैकेंड हैंड कार खरीदते समय आपके बड़े काम आएंगी।
कहीं चोरी की हुई गाड़ी तो नहीं खरीद रहे आप?
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Parking
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सेकेंड हैंड कार खरीदते समय यह जरूर पता लगाएं कि गाड़ी या गाड़ी के मालिक पर किसी भी तरह का कोई केस तो नहीं है? कहीं गाड़ी से कोई हादसा तो नहीं हुआ है? कहीं यह कार चोरी की हुई तो नहीं है? इसके अलावा गाड़ी के सभी कागज देखने के बाद ही इसे खरीदें। याद रखें कोई भी पेपर वर्क अधूरा न रहे।
वाहन का मालिक क्यों बेच रहा है अपनी कार?
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सांकेतिक
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सेकेंड हैंड या यूज्ड कार खरीदते समय वाहन के मालिक से जरूर बात करें। यह जानने की कोशिश करें कि वह व्यक्ति अपनी गाड़ी को क्यों बेच रहा है। गाड़ी के मालिक से बात करके आपको आइडिया लग जाएगा कि गाड़ी कितनी चली है, या कहां-कहां चली है। इसके अलावा आपको यह भी पता चल जाएगा कि वह गाड़ी क्यों बेच रहा है।
गाड़ी के कागज और चेसिस का करें मिलान
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Car Rear Mirror
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सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले यह जरूर चेक करें कि कहीं गाड़ी का कागज फर्जी तो नहीं है। इसके अलावा चेसिस नंबर का भी मिलान करें।
गाड़ी की कोई डुप्लीकेट चाभी तो नहीं?
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सेकेंड हैंड कार को खरीदते समय यह सबसे बड़ा सवाल रहता है कि कहीं इसकी डुप्लीकेट चाभी पुराने वाहन मालिक के पास तो नहीं। देश में कार की होने वाली चोरियों में यह एक बड़ा कारण है।