ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों का गहरा प्रभाव होता है। जन्म के समय ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार ही व्यक्ति की कुंडली का निर्माण होता है। जब ग्रह अपनी चाल बदलते हैं तो जातक की कुंडली की गणना उसी के अनुसार करके देखा जाता है कि कौन सा ग्रह शुभ स्थिति में हैं और कौन से ग्रह के कारण परेशानियां आ सकती हैं। ग्रहों की स्थिति सही होने और शुभ ग्रहों के साथ शुभ फल प्रदान करते हैं, तो वहीं ग्रहों की स्थिति अनुकूल न होने पर व्यक्ति को ग्रहों से अशुभ फल की प्राप्ति होती है, जिसके कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष में नव ग्रह बताए गए हैं। चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरू, शुक्र, शनि, सूर्य और राहु-केतु। प्रत्येक ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए व्यक्ति को अलग-अलग देवों की पूजा करनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि किस ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए किस देवता की पूजा करनी चाहिए।
जानिए कौन से ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए करनी चाहिए कौन से देव की पूजा
सूर्य को मान-सम्मान का कारक माना गया है। सूर्य मजबूत बनाने के लिए जातक को प्रतिदिन सूर्य को जल देने के साथ, भगवान श्री हरि विष्णु भगवान का पूजन करना चाहिए। इसके साथ ही हरिवंश पुराण की कथा की व्यवस्था करनी चाहिए।
सोमवार का दिन चंद्र ग्रह का माना जाता है। चंदमा को मन का कारक माना गया है। चंद्रमा की कमजोर स्थिति के कारण व्यक्ति को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। चंद्र ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए भगवान भोलेनाथ की पूजा आराधना करनी चाहिए।
मंगल को साहस और पराक्रम का कारक माना गया है। मंगल ग्रह को शुभ बनाने के लिए भगवान हनुमान या फिर माता दुर्गा की पूजा आराधना करनी चाहिए। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।