वास्तु के अनुसार नया फ्लैट खरीदने में बरतें सावधानियां, तभी होगी सुख-समृद्धि की बरसात
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प्रवेश द्वार
घर या फ्लैट खरीदने से पहले ये ध्यान रहे कि मुख्य द्वार पूर्वी ईशान, उत्तरी ईशान, दक्षिणी आग्नेय और पश्चिमी वायव्य में हो। दक्षिण-पश्चिम दिशा द्वार वाला मकान उधार, गरीबी और आपसी संबंधों में समस्याएं पैदा करता है वहीं उत्तर दिशा में पश्चिम की ओर का द्वार धन और करियर में सफलता प्रदान करता है। ध्यान रहे घर के मुख्य द्वार के सामने बिजली का खंभा, बड़ा वृक्ष, गड्ढा, अस्पताल और मंदिर न हो।
कमरों की दिशा
मास्टर बेडरूम हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम में होना शुभ रहता है। संबंधों, जुड़ाव और दक्षता के जोन दक्षिण-पश्चिम में बेडरूम होने से पति-पत्नी लगातार अपने-अपने कार्यों में दक्षता हासिल करते हैं और दोनों मिलकर अपने परिवार का भी पूरा ध्यान रखते हैं। पश्चिम जोन लाभ और प्राप्तियों का है, इसलिए इस जोन में बना बेडरूम दंपत्ति के लिए जीवन के हर क्षेत्र में लाभ और धन की प्राप्ति के लिए श्रेयस्कर है। बच्चों का कमरा उत्तर, पूर्व और पश्चिम दिशा में होना लाभकारी है।
शौचालय
फ्लैट खरीदने से पहले ये जरूर देख लें कि टॉयलेट उत्तर-पूर्व में बना हुआ न हो। इस दिशा में टॉयलेट होना अनेक शारीरिक और मानसिक कष्टों का कारण बन सकता है,ऐसा घर न खरीदें। टॉयलेट और बाथरूम घर के मध्य में या मुख्य द्वार के सामने अशुभ होते हैं। इसलिए फ्लैट लेने से पहले इस बात का ध्यान अवश्य रखें।
किचन
फ्लैट खरीदते वक्त रसोई की सही दिशा देखना अति आवश्यक है। किचन के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय-कोण) को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। विकल्प के रूप में आग्नेय दिशा की तरफ पूर्व में या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ पश्चिम दिशा में भी रसोई हो सकती है। लेकिन भूलकर भी दक्षिण-पश्चिम दिशा में किचन नहीं होनी चाहिए। यहां किचन का होना एक बड़ा वास्तु दोष है। इस दिशा में किचन होने से व्यक्ति अपने कौशल का इस्तेमाल नहीं कर पाता है जिस वजह से उसे अपने करियर में अस्थायित्व और घर-परिवार में खराब रिश्तों का सामना करना पड़ सकता है। रसोई घर ईशान कोण में भी न हो।