बच्चों की तरक्की में बहुत ही काम के होते हैं वास्तु के ये टिप्स
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वास्तु शास्त्र के नियम के अनुसार घर में बच्चों का कमरा दक्षिण, नैऋत्य या आग्नेय में नहीं होना चाहिए। वास्तु में बच्चों के कमरे के लिए पूर्व, उत्तर या वायव्य दिशा शुभ मानी गई है। बच्चों के कमरे का रंग भी ध्यान से चुनना चाहिए।
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बच्चों की जन्मपत्रिका में लग्नेश, द्वितीयेश, पंचमेश ग्रहों में से जो सर्वाधिक रूप से बली हो उसी के अनुसार ही उसके कमरे का रंग और पर्दे होने चाहिए।
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बच्चों का बिस्तर ज्यादा ऊंचाई पर नहीं होना चाहिए। बिस्तर के उत्तर दिशा की ओर टेबल एवं कुर्सी होनी चाहिए। पढ़ते समय बच्चे का मुंह पूर्व दिशा की ओर और पीठ पश्चिम दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। वहीं आग्नेय कोण में कम्प्यूटर रखा जा सकता है। नैऋत्य कोण में बच्चों की पुस्तकों की रैक तथा उनके कपड़ों वाली अलमारी होनी चाहिए।
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