नेपाल में आए भयानक भूकंप ने यह सवाल सभी के मन में पैदा कर दिया है कि अगर इतनी तीव्रता का भूकंप भारत में आया होता तो क्या होता। ऐसा सोचकर भी डर लगता है लेकिन डरने की बजाय अगर घर बनाते समय वास्तु के छोटे-छोटे नियमों का पालन किया जाए तो न सिर्फ भूकंप से आपका घर सुरक्षित रहेगा बल्कि आप चिंतामुक्त और सुखी भी रहेंगे। ऐसा कहना है वास्तुशास्त्री रुपा बत्रा का। यह बताती हैं कि वास्तु का उद्देश्य ही यह है कि आपका घर और आप सुरक्षित एवं खुशहाल रहें। तो आइये जानें वास्तु टिप्स जो आपके घर को भूकंप से सुरक्षित रखेंगे।
वास्तु के इस नियम से अपने घर को बनाएं भूकंप से सुरक्षित
सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि जिस जमीन पर आप मकान बना रहे हों वह जमीन कहीं से टेढा मेढ़ा नहीं हो। L, W, Y, T, F की शेप में प्लाट नहीं होना चाहिए। मकान बनवाते समय इस बात पर ध्यान देते रहें कि मकान की दीवार बारबर रहे, कहीं से टेढा मेढ़ा नहीं हो। ऐसा इसलिए करना चाहिए क्योंकि दीवारें बराबर और एक सीध में नहीं होने पर भूकंप में मकान को नुकसान पहुंचाने का खतरा बढ़ जाता है।
वास्तु के इस नियम से अपने घर को बनाएं भूकंप से सुरक्षित
मिटटी की जांच अति आवश्यक है. यदि हम एक मज़बूत नीव रखना चाहते हैं जो की हमें किसी प्राकृतिक आपदा से बचा सके तो नीव में मिटटी की जांच बहुत जरूरी है जिसको आज कल काफी नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। भूकंप से सुरक्षित घर बनाने के लिए जरूरी है कि जिस जमीन पर घर बना रहे हों वहां की जमीन न ज्यादा कड़ी हो न ज्यादा मुलायम। इस बात का ध्यान रखेंगे तो नींव में दरार आने की आशंका कम रहेगी।
वास्तु के इस नियम से अपने घर को बनाएं भूकंप से सुरक्षित
भूंकप से घर सुरक्षित रहे इसके लिए सबसे जरूरी यह है कि आपके घर की नीव मजबूत हो। इसके लिए घर की नीव रखते वक्त नीव में यदि आप गाय का गोबर, गंगा जल और फलदाई पौधों के बीज डालेंगे तो इससे नींव अत्यधिक मज़बूत हो जाती है। इसके बाद 9 इंच की एक सतह साफ और शुद्ध बालू की लगाएं। ध्यान रहे की यह बालू रसायन (केमिकल) रहित हो और किसी पवित्र नदी के पास से लायी गयी हो। यह नीव को लचीलापन प्रदान करता हैं जिससे भूकंप से घर सुरक्षित रहता है।
वास्तु के इस नियम से अपने घर को बनाएं भूकंप से सुरक्षित
घर कभी भी इनवर्टेड यानि नीचे पतला और ऊपर से चौड़ा नहीं होना चाहिए। क्योंकि नियमानुसार गुरुत्वाकर्षण हमेशा नीचे की ओर होना चाहिए और आधार यानी निचला हिस्सा भारी होना चाहिए।