वास्तु नियमों में दिशाओं का अत्यधिक महत्व होता है। ऐसे में हमारे लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि किस दिशा में कार्य करने पर शुभ और किस दिशा में कार्य करने पर अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। वास्तुशास्त्र में सुख-समृद्धि को बढ़ाने या फिर कहें बनाये रखने के लिए कई तरह के नियम बनाए गए हैं। वास्तु नियमों का पालन करने से घर के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मकता दूर होती है। किसी भी घर में वास्तुदोष होने पर रोग और शोक उत्पन्न होता है। जीवन में तमाम तरह की बाधाएं आती हैं। यदि आपके घर की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही है और जमा किया हुआ धन भी खर्च होता जा रहा है तो आपको अपने घर से जुड़े वास्तु दोष को पहचान कर तुरंत दूर करना चाहिए। जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ाने वाले वास्तु के कुछ ऐसे ही नियम आपको बताए जा रहे हैं, जो बेहद प्रभावी और लाभदायक हैं।
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वास्तु उपाय: जानिए दिशा बदलते ही कैसे बदल जाती है आपकी दशा
Fri, 18 Dec 2020 05:58 AM IST
विनोद शुक्ला
मधुकर मिश्रा, नई दिल्ली
मधुकर मिश्रा, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 18 Dec 2020 05:58 AM IST
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
- फोटो : अमर उजाला
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Vastu Tips
- वास्तु के अनुसार भूलकर भी पश्चिम दिशा की ओर सिर करके नहीं सोना चाहिए, अन्यथा रात को सोते समय बुरे सपने आते हैं। इसी प्रकार उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से धन नाश, मन में शंकाए, वायु विकार आदि समस्याएं पैदा होती हैं।
- वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके खाना खाने वाले के जीवन में तमाम तरह की बाधाएं आती हैं। ऐसे जातक को कई तरह के संकटों का सामना करना पड़ता है। दक्षिण की ओर मुख करके न तो खाना बनाएं और न ही खाएं।
- वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके खाना खाने वाले के जीवन में तमाम तरह की बाधाएं आती हैं। ऐसे जातक को कई तरह के संकटों का सामना करना पड़ता है। दक्षिण की ओर मुख करके न तो खाना बनाएं और न ही खाएं।
vastu tips
- पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके खाना खाने से भी बचना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से तमाम तरह के रोगों के उत्पन्न होने की आशंका बढ़ती है।
- घर हो या ऑफिस कभी भी भूलकर खिड़की या दरवाजे की तरफ पीठ करके न बैठें। ऐसा करने से जीवन में धोखा या झगड़ा होने की आशंका बनी रहती है।
- घर हो या ऑफिस कभी भी भूलकर खिड़की या दरवाजे की तरफ पीठ करके न बैठें। ऐसा करने से जीवन में धोखा या झगड़ा होने की आशंका बनी रहती है।
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
- आग्नेय कोण में भूलकर भी धन न रखें। इस दिशा में जमा किए हुए धन का नाश हो जाता है। अधिकांश धन रोगों के इलाज में खर्च हो जाता है।
- आग्नेय कोण में भूलकर भी धन न रखें। इस दिशा में जमा किए हुए धन का नाश हो जाता है। अधिकांश धन रोगों के इलाज में खर्च हो जाता है। धन की तिजोरी हमेशा उत्तर दिशा में रखनी चाहिए।
- दक्षिण दिशा में लोहे का कबाड़ न रखें। ऐसा करने पर शत्रु और रोग का भय बना रहता है।
- आग्नेय कोण में भूलकर भी धन न रखें। इस दिशा में जमा किए हुए धन का नाश हो जाता है। अधिकांश धन रोगों के इलाज में खर्च हो जाता है। धन की तिजोरी हमेशा उत्तर दिशा में रखनी चाहिए।
- दक्षिण दिशा में लोहे का कबाड़ न रखें। ऐसा करने पर शत्रु और रोग का भय बना रहता है।
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Vastu tips for basement
- वायव्य कोण में भूलकर भी स्टडी रूम न बनाएं। इस दिशा में बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है। उनकी पढ़ाई में तमाम तरह की बाधाएं आती हैं।
- वायव्य कोण में सर्वेंट क्वार्टर होना भी शुभ नहीं माना जाता है। इस दिशा में सर्वेंट क्वार्टर होने पर नौकर अधिक दिन नहीं टिकते हैं।
- नैऋत्य कोण में कभी भूलकर भी मेहमानों को नहीं ठहराना चाहिए, अन्यथा मेहमानों से संबंध खराब होते हैं और खर्च में वृद्धि होती है। मेहमान को हमेशा अपने घर के वायव्य और ईशान दिशा में ठहराएं।
- मकान में सीढ़ी के नीचे पूजा घर, शौचालय, या किचन नहीं होना चाहिए।
- वायव्य कोण में सर्वेंट क्वार्टर होना भी शुभ नहीं माना जाता है। इस दिशा में सर्वेंट क्वार्टर होने पर नौकर अधिक दिन नहीं टिकते हैं।
- नैऋत्य कोण में कभी भूलकर भी मेहमानों को नहीं ठहराना चाहिए, अन्यथा मेहमानों से संबंध खराब होते हैं और खर्च में वृद्धि होती है। मेहमान को हमेशा अपने घर के वायव्य और ईशान दिशा में ठहराएं।
- मकान में सीढ़ी के नीचे पूजा घर, शौचालय, या किचन नहीं होना चाहिए।