शनिदेव न्याय के देवता हैं। ये बुरे कर्म करने वालों को दंड देते हैं और अच्छे कर्म करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टी करते हैं। शनिदेव की कृपा से रंक भी राजा बना जाता है और इनके नाराज होने से राजा भी रंक बन जाता है। इसलिए शनिदेव की पूजा करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। शनि देव की वक्र दृष्टि के कारण घर दुख, दरिद्रता, संकट दुर्घटना जैसी समस्याएं आने लगती हैं। इन परेशानियों से छुटकारा पाने एवं शनिदेव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए पूरी विधि के साथ सच्चे हृदय से शनिदेव की पूजा करनी चाहिए। पूजा में लापरवाही बरतने पर आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं शनिदेव की पूजा करते समय किन बातों को ध्यान में रखना है आवश्यक....
कोताही से नाराज होते हैं शनिदेव, इनकी पूजा में रखें विशेष सावधानियां
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शनिदेव की पूजा करते समय विशेष ध्यान रखें की उनकी पूजा में भूलकर भी लाल रंग के फूल या कोई लाल सामाग्री का उपयोग न करें। माना जाता है कि शनिदेव को लाल रंग बिल्कुल पसंद नहीं है। लाल रंग का प्रयोग करने से शनिदेव नाराज हो सकते हैं। इनकी पूजा में हमेशा नीले या फिर काले रंग का प्रयोग करना चाहिए। ये दोनों ही रंग शनिदेव को प्रिय हैं।
पश्चिम है शनि की दिशा
शनिदेव की पूजा करते समय दिशा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। पश्चिम दिशा को शनि की दिशा माना गया है। शनिदेव की पूजा करते समय मुख सदैव पश्चिम दिशा की ओर रखना चाहिए। माना जाता है कि दूसरी दिशा में मुख करके पूजन करने से आपको परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
भूलकर भी न देखें शनिदेव की आंखो में
शनिदेव की पूजा करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि भूलकर भी आपकी नजर उनकी नजर से न मिले। कभी भी शनिदेव की आंखों में आंखे डालकर नहीं देखना चाहिए। इससे आपको उनकी नाराजगी का सामना करना पड़ता है। इसी तरह से ध्यान रखें कि पूजा करते समय कभी भी शनिदेव की मूर्ति के सामने न खड़े हो। इससे आपके जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं।
शनिदेव को न अर्पित करें सफेद तिल
शनिदेव की पूजा में हमेशा काले तिल और उड़द की दाल की खिचड़ी का ही प्रयोग किया जाता है। काले तिल अर्पित करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। माना जाता है कि इससे व्यक्ति की कुंडली में अशुभ ग्रहों की छाया भी दूर होती है। इनकी पूजा में भूलकर भी सफेद तिल का प्रयोग नहीं करना चाहिए।