कुंडली में ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन डालती है। अगर किसी जातक की कुंडली में ग्रहों की स्थिति शुभ है तो व्यक्ति के जीवन में सारे कार्य सही प्रकार से होते हैं, वहीं यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की दशा खराब हो तो उसके जीवन में दिक्कते आने लगती हैं। ज्योतिष में चंद्रमा को महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा का संबंध मन से माना गया है। यदि कुंडली में चंद्रमा की स्थिति सही न हो तो व्यक्ति को कई तरह की मानसकि समस्याओं के अलावा भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए कुंडली में चंद्रमा का अनुकूल होना आवश्यक होता है। चंद्रमा को मजबूत करने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि अशुभ चंद्रमा के कारण क्या समस्याएं होती हैं और इसे शुभ करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
अगर कुंडली में चंद्रमा है कमजोर, तो मानसिक तनाव समेत होती हैं कई समस्याएं, जानें उपाय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यदि किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है तो उसका सीधा प्रभाव
व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ने लगता है। चंद्रमा की कमजोर स्थिति के कारण मानसिक रोगों का सामना करना पड़ता है।
चंद्रमा की अशुभ स्थिति के कारण गृह कलेश बढ़ जाते हैं। माता-पिता के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगता है।
कुंडली में चंद्रमा को मजबूत बनाने के लिए चांदी के लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा सा गंगाजल, दूध, चावल और शक्कर मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। इसके साथ ही प्रत्येक पूर्णिमा पर व्रत करके चंद्रमा का पूजन करना चाहिए।
सोमवार का दिन चंद्रमा के लिए निर्धारित किया गया है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से भी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत बनती है। इसके अलावा चंद्रमा को मजबूत करने के लिए चावल की खीर बनाकर जरूरमंदो को दान करना चाहिए। यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर है सोमवार को मीठा दूध नहीं पीना चाहिए।
चंद्रमा की स्थिति को मजबूत करने के लिए चंद्रमा के मंत्रों का जाप करना चाहिए। चंद्रमा के मंत्र इस प्रकार हैं।
ॐ सों सोमाय नम:।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:
ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम: