हिन्दू धर्म में कन्या संक्रांति का विशेष महत्व है। इस साल 17 सितंबर शुक्रवार को है। हिन्दू धर्म में संक्रांति पर्व का विशेष महत्व होता है। इस दिन सूर्य देव की आराधना करने का विधान है। कन्या संक्रांति तिथि स्नान, दान आदि धार्मिक कार्यों के लिए बेहद लाभदायक मानी गई है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए इस दिन पूजा करना फायदेमंद माना गया है। कन्या संक्रांति पर विश्वकर्मा पूजन भी किया जाता है जिस वजह से इस तिथि का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। ज्योतिष विज्ञान में सूर्य जब एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इसे संक्रांति कहते हैं। कन्या संक्रांति की अवधि में सभी राशियों को शुभ-अशुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। चार राशि के जातकों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं ये चार राशियां कौन-कौनसी हैं-
Sun Transit 2021: 17 अगस्त को कन्या संक्रांति, एक माह इन 4 राशियों को होगी परेशानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेष राशि के जातकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में शत्रुओं से सावधान रहना होगा। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धियों से टफ कंपटीशन मिलेगा। ऑफिस पॉलिटिक्स भी इस काल में आपको नुकसान पहुंचा सकती है। पारिवारिक कलह से बचना होगा।
इस अवधि में आपके सुखों में कमी आ सकती है। मन में कई तरह के नकारात्मक विचार आएंगे। परिवार के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। इस अवधि में माता जी की सेहत में गिरावट आ सकती है। घर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वाहन दुर्घटना होने की भी संभावना है। सावधानी से चलाएं।
तुला राशि के जातकों को इस अवधि में आर्थिक नुकसान हो सकता है। धन की लेन-देन में सावधानी बरतें। धन निवेश करते समय विशेष सावधानी बरतें। आपके खर्चों में भी अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो सकती है। इस समय आपका कर्ज बढ़ेगा।
सेहत की दृष्टि से यह अवधि आपके लिए ठीक नहीं है। खान-पान पर विशेष ध्यान देना होगा। पेट संबंधी बीमारी परेशान कर सकती है। इस अवधि में तला-भुना, मसालेदार या बाहर का खाना खाने से बचें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।