सभी ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। ग्रहों के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। ग्रहों के एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने से कुछ राशि के जातकों पर शुभ तो कुछ पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। अन्य ग्रहों की तरह शनि ग्रह भी राशि परिवर्तन करते हैं लेकिन ये एक राशि से दूसरी राशि में बहुत ही धीमी गति से भ्रमण करते हैं। इनके शनैः शनैः चलने के कारण इन्हें शनैश्चर भी कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार शनि एक ही राशि में लगभग ढाई वर्ष बिताते हैं। ये अपने स्थान से मार्गी होने के साथ ही वक्री (उल्टी चाल चलना) भी होते हैं। जब शनि का परिवर्तन होता है तो सबसे ज्यादा प्रभाव उन राशियों पर होता है, जिनपर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो।
इन राशियों पर रहेगी शनि की टेढ़ी नजर, बढ़ सकती है परेशानियां, रहे सतर्क
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इस समय मिथुन राशि को जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है, इसलिए शनि के वक्री होने से इस राशि के लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। मिथुन राशि के लोग सेहत को लेकर सावधानी बरतें साथ ही में वाहन आदि चलाते समय भी ध्यान रखने की आवश्यकता है।
इस समय तुला राशि के जातको पर भी ढैय्या का प्रभाव चल रहा है इसलिए शनि की वक्री चाल से इस राशि को लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस दौरान इन लोगों को किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचना चाहिए खासतौर पर पिता से किसी भी प्रकार से मतभदे से बचें। इसके साथ ही सेहत का भी ध्यान रखने की जरूरत है। यदि यात्रा करनी हो तो सावधानी बरते क्योंकि यात्रा करते समय परेशानी होने की संभावना है।
वर्तमान समय में धनु राशि के जातको पर शनि की साढ़े साती का आखिरी चरण चल रहा है। शनि की चाल वक्री होने से इस राशि को लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। धन हानि होने को योग बन सकते हैं इसलिए इस समय संपत्ति सो जुड़े मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरते और इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरूआत करने से भी बचना सही रहेगा।
इस समय मकर राशि के जातको पर शनि की साढ़ेसाती का मध्य चरण चल रहा है साथ ही शनि वर्तमान समय में मकर राशि में ही विराजमान हैं, इसलिए 23 मई को शनि के वक्री होने का सबसे अधिक प्रभाव मकर राशि के लोगों पर ही होगा। इस समय किसी भी तरह के वाद-विवाद से बचकर रहें और धैर्य न खोएं। हर कार्य को सोच-समझकर सतर्कता के साथ करें।