22 मई, शुक्रवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि है। यह तिथि न्यायप्रिय देवता महाराज शनि के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। शनिदेव को क्रूर ग्रह माना जाता है। लेकिन शनि न्यायप्रिय देवता है। बुरा करने वालों को शनि तमाम तरह के कष्ट देते हैं। माना जाता है कि शनि की तिरछी नजर जिस किसी पर पड़ जाती है उसकी मुसीबतों का जल्दी से अंत नहीं हो पाता है। वहीं जो व्यक्ति अच्छा काम करता है शनिदेव उस पर अच्छी कृपा दृष्टि रखते हैं।
Shani Jayanti: भूलकर भी ना करें पांच तरह के काम, पड़ने लगती है शनि की अशुभ छाया
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 22 May 2020 03:12 AM IST
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