छाया ग्रह माने जाने वाले राहु 23 सितंबर को मिथुन राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए 18 महीनों का समय लगाते हैं। शनि के बाद यह दूसरे ग्रह हैं जो राशि बदलने में इतना लंबा समय लेते हैं। राहु अन्य ग्रहों के विपरीत हमेशा उल्टी चाल में चलते हैं। ज्योतिष के अनुसार जब भी राहु का राशि परिवर्तन होता है तब इसका प्रभाव सभी राशि के ऊपर अवश्य पड़ता है। राहु एक ऐसे ग्रह हैं जो अचानक फल देते हैं। राहु के बारे में ज्योतिष शास्त्र में मत है कि राहु लोगों की बुद्धि भ्रमित करने वाले ग्रह हैं। राहु की वजह से व्यक्ति की बुद्धि सही ढ़ंग से काम नहीं करती है। वहीं इससे विपरीत यह भी कहा जाता है जिस जातक की कुंडली में राहु शुभ भाव में आकर बैठ जाते हैं उसको वह सभी प्रकार की सुख-सुविधा से संपन्न कर देते हैं। राहु के शुभ होने पर व्यक्ति को राजपाठ मिलता है। लेकिन वहीं राहु के कुंडली में अशुभ भाव में आकर बैठने से व्यक्ति बुद्धि को तहस नहस भी कर देते हैं।
राहु का होने वाला राशि परिवर्तन, राशिनुसार इन मंत्रों के जाप से कम होगा राहु का दुष्प्रभाव
जिन जातकों की राशि मेष है उन्हें राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
राहु के विपरीत परिणाम से बचने का उपाय
- प्रत्येक शनिवार एवं बुधवार को भगवाान भैरव का दर्शन एवं त्रयोदशी के दिन रुद्राभिषेक।
- शनिवार के दिन भगवान भैरव का दर्शन एवं भैरवाष्टक का पाठ।
राहु करने जा रहे हैं राशि परिवर्तन, किसे करेंगे मालामाल और किसे परेशान...
18 महीने के बाद राहु वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा प्रभाव इस राशि के जातकों पर पड़ेगा। वृषभ राशि के लोग मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें।
राहु के विपरीत परिणाम से बचने का उपाय
- 'ॐ रां राहवे नम:' का प्रत्येक शाम एक माला जप करें।
- शनिवार के दिन काला कंबल का दान करें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि को छोड़कर राहु वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं ऐसे में इस राशि के जातकों को नियमित रूप से विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
राहु के विपरीत परिणाम से बचने का उपाय
- कुत्ते को रोटी, चिड़िया को दाना और ब्राह्मण को भोजन खिलाएं।
- लोहे का दान करने से निश्चित रूप से राहु के कष्ट दूर होंगे।
कर्क राशि के जातकों को कुबेर मंत्र का जाप करना चाहिए।