Yogini Ekadashi Vrat 2025: आज योगिनी एकादशी है, जो भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत पावन तिथि मानी जाती है। एकादशी का उपवास बहुत ही सात्विक होता है। ऐसे में यदि व्रत किसी कारणवश टूट जाए, तो मन में दुख और अपराधबोध होना स्वाभाविक है। हालांकि धर्मशास्त्रों में ऐसी परिस्थितियों के लिए कुछ प्रायश्चित उपाय बताए गए हैं, जिनके पालन से व्रत का पुण्यफल बना रह सकता है या इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
{"_id":"68565b2718137baa860185ce","slug":"yogini-ekadashi-2025-fast-is-broken-by-mistake-do-these-simple-remedies-2025-06-21","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Yogini Ekadashi 2025: यदि गलती से खंडित हो जाए योगिनी एकादशी का व्रत, करें ये सरल उपाय","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Yogini Ekadashi 2025: यदि गलती से खंडित हो जाए योगिनी एकादशी का व्रत, करें ये सरल उपाय
Sat, 21 Jun 2025 12:44 PM IST
ज्योति मेहरा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sat, 21 Jun 2025 12:44 PM IST
सार
यदि योगिनी एकादशी का व्रत किसी कारणवश टूट जाए, तो मन में दुख और अपराधबोध होना स्वाभाविक है। लेकिन धर्मशास्त्रों में ऐसी परिस्थितियों के लिए कुछ प्रायश्चित उपाय बताए गए हैं, जिनके पालन से व्रत का पुण्यफल बना रह सकता है या इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
Yogini Ekadashi Vrat 2025
- फोटो : freepik
Trending Videos
योगिनी एकादशी का व्रत टूट जाए तो क्या करें?
- फोटो : adobe stock
पूजा विधि
व्रत टूटने पर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात भगवान विष्णु की पूजा करें। उन्हें तुलसी दल अर्पित करें, और स्वयं भी एक या दो तुलसी पत्र ग्रहण करें। ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़े नहीं जाते, इसलिए पहले से सुरक्षित रखे तुलसी पत्रों का ही प्रयोग करें।
व्रत टूटने पर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात भगवान विष्णु की पूजा करें। उन्हें तुलसी दल अर्पित करें, और स्वयं भी एक या दो तुलसी पत्र ग्रहण करें। ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़े नहीं जाते, इसलिए पहले से सुरक्षित रखे तुलसी पत्रों का ही प्रयोग करें।
योगिनी एकादशी का व्रत टूट जाए तो क्या करें?
- फोटो : adobe stock
मंत्र जाप
भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का यथासंभव जप करें। रुद्राक्ष की माला से कम से कम 11 माला जाप करने का प्रयास करें।
दान करें ये चीजें
अपनी सामर्थ्य के अनुसार गाय को हरा चारा या आटे की लोई खिलाएं। साथ ही किसी जरूरतमंद को अन्न, पीले वस्त्र, फल, चने की दाल, मिठाई या हल्दी दान करें। ऐसे दान-पुण्य से व्रत खंडन का दोष कम होता है।
भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का यथासंभव जप करें। रुद्राक्ष की माला से कम से कम 11 माला जाप करने का प्रयास करें।
दान करें ये चीजें
अपनी सामर्थ्य के अनुसार गाय को हरा चारा या आटे की लोई खिलाएं। साथ ही किसी जरूरतमंद को अन्न, पीले वस्त्र, फल, चने की दाल, मिठाई या हल्दी दान करें। ऐसे दान-पुण्य से व्रत खंडन का दोष कम होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
योगिनी एकादशी का व्रत टूट जाए तो क्या करें?
- फोटो : adobe
संकल्प लें
इसके बाद संकल्प लें कि अगले वर्ष आने वाली योगिनी एकादशी का व्रत पूरे विधि-विधान से करें। साथ ही यह भी मान्यता है कि यदि एकादशी का व्रत टूट जाए, तो अगली निर्जला एकादशी का व्रत करना चाहिए, क्योंकि यह सभी एकादशियों के बराबर फल देती है।
विज्ञापन
योगिनी एकादशी का व्रत टूट जाए तो क्या करें?
- फोटो : adobe
संयम रखें
व्रत टूटने पर भले ही व्रत पूरा न हो पाया हो, फिर भी दिनभर सात्विक आहार लें, जिसमें प्याज, लहसुन, मांस और अनाज न हो। मन को शांत रखें, किसी की निंदा से बचें, क्रोध न करें और बुरे विचारों से दूर रहें। आत्मशुद्धि ही सबसे बड़ा उपाय है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
व्रत टूटने पर भले ही व्रत पूरा न हो पाया हो, फिर भी दिनभर सात्विक आहार लें, जिसमें प्याज, लहसुन, मांस और अनाज न हो। मन को शांत रखें, किसी की निंदा से बचें, क्रोध न करें और बुरे विचारों से दूर रहें। आत्मशुद्धि ही सबसे बड़ा उपाय है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।