जीव उत्पत्ति के कारक और ग्रहों में प्रमुख स्थान रखने वाले शुक्र कुंभ राशि की यात्रा समाप्त करके 17 मार्च को अपनी उच्चराशि मीन में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 10 अप्रैल तक गोचर करेंगे उसके बाद मेष राशि में चले जाएंगे। मीन राशि में गोचर करते हुए शुक्र हमेशा पंचमहापुरुष योगों में प्रधान मालव्ययोग का निर्माण करते हैं किंतु वर्तमान गोचर के समय मीन राशि में पहले से ही सूर्यदेव विद्यमान है और शुक्र भी अस्त चल रहे हैं इसलिए इस योग का पूर्ण फल नहीं मिल पाएगा। वृषभ और तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीचराशिगत संज्ञक और मीन राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके मीन राशि में प्रवेश का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषी विश्लेषण करते हैं।
शुक्र का राशि परिवर्तन: 10 अप्रैल तक मीन राशि में रहेंगे सुख और वैभव देने वाले शुक्र ग्रह
मेष राशि-
राशि से बारहवें व्यय भाव में गोचर करते हुए शुक्र अधिक भागदौड़ और खर्च का सामना करवाएंगे। विलासिता पूर्ण वस्तुओं पर अधिक खर्च होगा। सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। विदेश यात्रा और विदेशी नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। स्वास्थ्य विशेष करके बाई आंख से संबंधित समस्या से सावधान रहें। गुप्त शत्रुओं से बचें और कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं तो बेहतर रहेगा।
स्वयं अपनी राशि से लाभभाव में गोचर करते हुए स्वामी शुक्र आय के साधन बढ़ाएंगे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित पड़े कार्य संपन्न होंगे। रुका हुआ धन वापस मिलने की उम्मीद। ऊर्जा शक्ति का पूर्ण उपयोग करते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से मतभेद न पैदा होने दें। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए बेहतरीन सफलता के योग। संतान संबंधी चिंता दूर होगी।
मिथुन राशि-
राशि से कर्मभाव में गोचर करते हुए शुक्र आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है इसलिए कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना चाहें या किसी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाहें तो उस दृष्टि से भी ग्रह-गोचर अति अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, सामाजिक पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। मकान अथवा वाहन के क्रय का भी योग। सरकारी सर्विस के लिए आवेदन करने का अच्छा अवसर है।
कर्क राशि-
राशि से भाग्यभाव में गोचर करते हुए शुक्र के शुभफलस्वरुप धर्म के प्रति रूचि बढ़ेगी। भाग्योन्नति भी होगी और आपके द्वारा लिए गए निर्णय एवं किए गए कार्यों की सराहना भी होगी। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा। विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता में सफलता प्राप्ति का अच्छा अवसर रहेगा।