इस चराचर जगत में जीवोत्पत्ति के कारक ग्रह शुक्र 31 अगस्त की रात्रि मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि के स्वामी चंद्रमा है जो शुक्र समभाव रखते हैं न शत्रुता न मित्रता। शुक्र उन्हें अपने शत्रु मानते हैं इसलिए कर्क राशि में शुक्र के प्रवेश का फलित ज्योतिष पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस राशि में शुक्र हमेशा अपने आप को असहज महसूस करते हैं। ये वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी हैं। कन्या राशि में नीचराशिगत तथा मीन राशि में उच्च राशि गत होते हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- राशि से चतुर्थ भाव में शुक्र का प्रवेश किसी न किसी तरह से मानसिक अशांति देगा। अपने स्वभाव में उग्रता न आने दें। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। लेन-देन के मामलों में भी सावधानी बरतें अन्यथा धनहानि की संभावना रहेगी। व्यापार के प्रति इनका गोचर अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा। मकान वाहन के क्रय का योग बनेगा। शादी विवाह से संबंधित वार्ता कुछ रुकावट के बाद संपन्न होगी। कर्म भाव पर शुभ दृष्टि के प्रभाव स्वरूप कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। नए लोगों से मेलजोल भी बढेगा।
वृषभ राशि- राशि स्वामी शुक्र का पराक्रम भाव में जाना आपके साहस की वृद्धि तो करेगा ही आपके द्वारा लिए गए निर्णय की सराहना भी होगी। ध्यान रहे कई बार अति उत्साही होकर आप ऐसा निर्णय ले सकते हैं जिसका परिवार के बड़े सदस्यों से विरोध हो सकता है। शुक्र की भाग्य भाव पर दृष्टि के फलस्वरूप धर्म-कर्म के मामलों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा। विदेशी कंपनियों में सर्विस आदि के लिए प्रयास करना अथवा विदेशी नागरिकता के लिए वीजा का आवेदन करना भी सफल रहेगा।
मिथुन राशि- राशि से धनभाव में शुक्र का गोचर मिलाजुला फल कारक रहेगा। हृदय संबंधी रोग अथवा फेफड़े से जुड़े रोगों के साथ-साथ दाहिनी आंख का भी ध्यान रखें। महंगी वस्तु का क्रय करेंगे। मकान वाहन से संबंधित क्रय का संकल्प भी पूर्ण हो सकता है। इनकी अष्टम भाव पर दृष्टि के फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में आपके विरोधियों का प्रभाव बढ़ सकता है इसलिए झगड़े विवाद से दूर रहें। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझा लें तो बेहतर रहेगा। कुछ ऐसा करेंगे जिससे सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
कर्क राशि- आपकी राशि में शुक्र का आना मानसिक रूप से परेशानी और उलझने तो ला सकता है किंतु इन सब से उपर उठकर आप कार्य पर ध्यान देंगे तो सफलता की संभावना सर्वाधिक रहेगी। आपकी सोची समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होगी और कोई भी नया कार्य आरंभ करना हो अथवा अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो अवसर अनुकूल रहेगा। इनकी सप्तम भाव पर दृष्टि के प्रभाव स्वरूप शादी-विवाह संबंधित वार्ता सफल रहेगी। ससुराल पक्ष से भी सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारियों से मधुर संबंध बनाए रखें।