वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य हर माह अपनी राशि बदलते हैं। जिसे सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है। सूर्यदेव आत्मा के कारक ग्रह कहे जाते हैं। 16 जुलाई को सूर्यदेव कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं। इस राशि में सूर्यदेव 16 अगस्त तक रहने वाले हैं। सूर्य के राशि परिवर्तन के कारण और शनि के पहले से अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान होने से षडाष्टक राजयोग का निर्माण हुआ है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य और शनि एक दूसरे से छठवें और आठवें भाव में मौजूद होते हैं षडाष्टक योग बनता है। शनि-सूर्य के संयोग से बना षडाष्टक योग कुछ राशि के जातकों के जीवन में प्रतिकूल प्रभाव साबित हो सकता है। कार्यों में परेशानियां और अशुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं षडाष्टक राजयोग के बनने से किन-किन राशियों के लिए अच्छा नहीं है।
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सूर्य पर शनि की टेढ़ी नजर से बना षडाष्टक योग, इन चार राशि वालों को हो सकता है नुकसान
Tue, 16 Jul 2024 04:54 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 16 Jul 2024 04:54 PM IST
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षडाष्टक योग
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इन राशि वालों को हो सकता है नुकसान
कर्क राशि
कर्क राशि में सूर्य का गोचर हुआ है जिससे आपके लग्न पर प्रभाव पड़ने वाला है। कर्क राशि के जातकों के लिए षडाष्टक योग अच्छा नहीं कहा जा सकता है। आपके आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। धन हानि की संभावना है। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। आपके ऊपर काम का बोझ बढ़ने से आपको मानसिक तनाव से गुजरना पड़ सकता है।
कर्क राशि
कर्क राशि में सूर्य का गोचर हुआ है जिससे आपके लग्न पर प्रभाव पड़ने वाला है। कर्क राशि के जातकों के लिए षडाष्टक योग अच्छा नहीं कहा जा सकता है। आपके आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। धन हानि की संभावना है। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। आपके ऊपर काम का बोझ बढ़ने से आपको मानसिक तनाव से गुजरना पड़ सकता है।
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कन्या राशि
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कन्या राशि के 11वें भाव में सूर्य का गोचर हुआ है। ऐसे में यह आपके लिए परेशानियों का सबक बन सकता है। शनि-सूर्य के योग से बना षडाष्टक योग आपके करियर के लिहाज से अच्छा नहीं कहा जाता है। व्यापार करने वाले जातकों को नुकसान होने के संकेत हैं। आपको इस समय कोई भी काम आवेश में आकर नहीं करना चाहिए नहीं तो इसका नुकसान आपको ही हो सकता है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कन्या राशि के 11वें भाव में सूर्य का गोचर हुआ है। ऐसे में यह आपके लिए परेशानियों का सबक बन सकता है। शनि-सूर्य के योग से बना षडाष्टक योग आपके करियर के लिहाज से अच्छा नहीं कहा जाता है। व्यापार करने वाले जातकों को नुकसान होने के संकेत हैं। आपको इस समय कोई भी काम आवेश में आकर नहीं करना चाहिए नहीं तो इसका नुकसान आपको ही हो सकता है।
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धनु राशि
धनु राशि के जातकों पर सूर्य-शनि के कारण बना षडाष्टक योग अच्छा साबित नहीं होगा। सूर्य का गोचर आपके आठवें भाव में हुआ है। ऐसे में आपके लिए आने वाले कुछ दिन बहुत ही कष्टकारी साबित होंगे। आपके खर्चों में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है। लेन-देन के मामलों में आपको संभलकर रहना होगा। नौकरीपेशा जातकों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
धनु राशि के जातकों पर सूर्य-शनि के कारण बना षडाष्टक योग अच्छा साबित नहीं होगा। सूर्य का गोचर आपके आठवें भाव में हुआ है। ऐसे में आपके लिए आने वाले कुछ दिन बहुत ही कष्टकारी साबित होंगे। आपके खर्चों में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है। लेन-देन के मामलों में आपको संभलकर रहना होगा। नौकरीपेशा जातकों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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कुंभ राशि
सूर्य का गोचर आपके छठे भाव में हुआ है। इस दौरान वाद-विवाद बढ़ने की संभावना है। परिवारिक समस्याओं से आपको जूझना पड़ सकता है। छोटी-मोटी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। सेहत में गिरावट देखने को मिल सकती है।
सूर्य का गोचर आपके छठे भाव में हुआ है। इस दौरान वाद-विवाद बढ़ने की संभावना है। परिवारिक समस्याओं से आपको जूझना पड़ सकता है। छोटी-मोटी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। सेहत में गिरावट देखने को मिल सकती है।