सूर्यदेव मकर राशि की यात्रा संपन्न करके 13 फरवरी को दोपहर बाद 03 बजकर 01 मिनट पर अपने पुत्र शनि की दूसरी राशि 'कुंभ' की यात्रा आरंभ करेंगे। सिंह राशि के स्वामी सूर्य मेष राशि में उच्च संज्ञक एवं तुला राशि में नीच संज्ञक माने गए हैं। इनके कुंभ राशि की यात्रा का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- राशि से एकादश लाभभाव में सूर्य का गोचर कार्य-व्यापार की दृष्टि से बेहतरीन रहेगा। लाभ मार्ग प्रशस्त तो होगा ही रुका हुआ धन भी वापस मिलगा। शत्रु परास्त होंगे, कोर्ट कचहरी के मामलों में भी सफलता मिलेगी। विद्यार्थी वर्ग परीक्षा एवं प्रतियोगिता में अच्छे अंक प्राप्ति के लिए और प्रयास करें। अपने साहस और शौर्य के बलपर विषम हालात को भी सामान्य कर लेंगे किंतु परिवार के बड़े सदस्यों से मतभेद ना पैदा होने दें।
वृषभ राशि- राशि से दशमभाव में सूर्य का गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, इसलिए शासन सत्ता का सदुपयोग करते हुए उच्चाधिकारियों से मधुर संबंध बनाए रखें। नौकरी में पदोन्नति एवं नए अनुबंध की प्राप्ति के भी योग बन रहे हैं। माता पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। परिवार में विघटन न पैदा होने दें। विदेश यात्रा एवं देशाटन का पूर्ण सुख मिलेगा। विदेशी नागरिकता के लिए भी आवेदन करना बेहतर रहेगा।
मिथुन राशि- राशि से भाग्यभाव में सूर्य का गोचर धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों में उत्साही बनाएगा। भाग्य उन्नति की दृष्टि से भी सूर्य का प्रभाव बेहतरीन रहेगा विदेशी मित्रों अथवा विदेशी कंपनियों से लाभ प्राप्त होगा। आपके द्वारा किए गए निर्णय एवं किये गए कार्य सराहनीय होंगे। अनेक सफलताओं के बावजूद परिवार में आपसी मतभेद के कारण मानसिक तनाव रहेगा इसलिए स्वास्थ्य के प्रति चैतन्य रहें।
कर्क राशि- राशि से अष्टम भाव में सूर्य का गोचर मिलाजुला फल प्रदान करेगा, यही योग आपको प्रतापी भी बनाएगा, और यही आर्थिक रूप से क्षति पहुंचाएगा। कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बहें, प्रयास करें कि इस अवधि के मध्य कर्ज न लेना पड़े और किसी पैतृक संपत्ति को बेचना न पड़े। कोर्ट कचहरी के मामले बाहर ही निपटा लें तो बेहतर रहेगा। नेत्र विकार से बचें शरीर में कैल्शियम की कमी न होने दें।