Shani Vakri 2023: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों में शनिदेव सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनिदेव को न्यायाधीश और कर्मफलदाता माना जाता है। शनिदेव किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। जब-जब शनिदेव की चाल या फिर इनकी स्थिति में परिवर्तन होता है तो इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों के जीवन पर जरूर पड़ता है। शनिदेव अभी कुंभ राशि की यात्रा पर हैं और 17 जून 2023 से इसी राशि में रहते हुए वक्री होने जा रहे हैं। शनि की वक्री अवस्था को बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है क्योंकि इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलता है। आइए जानते हैं शनि की वक्री चाल किन राशि वालों को शुभ परिणाम प्रदान करने वाली है।
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Shani Vakri 2023: शनिदेव का वक्री होना किन राशियों के लिए रहेगा शुभ और किनकी बढ़ेंगी परेशानियां
Sun, 11 Jun 2023 10:15 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 11 Jun 2023 10:15 AM IST
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shani vakri 2023: शनि देव के वक्री होने से सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव होगा।
- फोटो : अमर उजाला
rashi
- फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि ग्यारहवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली का 11वां भाव करियर और कमाई से जुड़ा हुआ होता है। ऐसे में आपके लिए शनि देव मेहनत करवाएंगे और तभी आपको अच्छे परिणाम की प्राप्ति संभव होगी। नौकरीपेशा जातकों के लिए शनि की वक्री चाल बहुत ही शुभ रहने वाली होगी। नौकरी के अच्छे प्रस्ताव आपको हासिल होंगे। जो लोग व्यापार में उनके लिए व्यापार में विस्तार होने के संकेत हैं। शनि की वक्री चाल आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगे। धन लाभ के मौके मिलेंगे।
मेष राशि के जातकों के लिए शनि ग्यारहवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली का 11वां भाव करियर और कमाई से जुड़ा हुआ होता है। ऐसे में आपके लिए शनि देव मेहनत करवाएंगे और तभी आपको अच्छे परिणाम की प्राप्ति संभव होगी। नौकरीपेशा जातकों के लिए शनि की वक्री चाल बहुत ही शुभ रहने वाली होगी। नौकरी के अच्छे प्रस्ताव आपको हासिल होंगे। जो लोग व्यापार में उनके लिए व्यापार में विस्तार होने के संकेत हैं। शनि की वक्री चाल आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगे। धन लाभ के मौके मिलेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि
आपकी राशि के लिए शनि आठवें और नौवें भाव के स्वामी हैं। शनि के कुंभ राशि में वक्री होना आपके भाग्य में कमी लाने के संकेत हैं। कार्यों में आपको असफलताएं प्राप्त हो सकती हैं लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। आपकी आर्थिक स्थिति में बहुत अच्छा प्रभाव देखने को मिलेगा। नौकरी में आपको बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।
आपकी राशि के लिए शनि आठवें और नौवें भाव के स्वामी हैं। शनि के कुंभ राशि में वक्री होना आपके भाग्य में कमी लाने के संकेत हैं। कार्यों में आपको असफलताएं प्राप्त हो सकती हैं लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। आपकी आर्थिक स्थिति में बहुत अच्छा प्रभाव देखने को मिलेगा। नौकरी में आपको बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।
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- फोटो : अमर उजाला
सिंह राशि
शनि देव आपकी राशि से सातवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं। कुंडली का सातवां भाव जीवनसाथी और साझेदारी का होता है। व्यापार में आपको तरक्की मिलने के संकेत हैं। आपके अधूरे काम पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार करने वाले लोगों के लिए शनि का वक्री होना बहुत ही फलदायी साबित होगा। कार्यक्षेत्र में आपके अच्छे प्रदर्शन से आपका मन बहुत प्रसन्न रहेगा। लेकिन इस दौरान आपके वैवाहिक जीवन में कुछ एक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
शनि देव आपकी राशि से सातवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं। कुंडली का सातवां भाव जीवनसाथी और साझेदारी का होता है। व्यापार में आपको तरक्की मिलने के संकेत हैं। आपके अधूरे काम पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार करने वाले लोगों के लिए शनि का वक्री होना बहुत ही फलदायी साबित होगा। कार्यक्षेत्र में आपके अच्छे प्रदर्शन से आपका मन बहुत प्रसन्न रहेगा। लेकिन इस दौरान आपके वैवाहिक जीवन में कुछ एक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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कन्या राशि
इस राशि के जातकों के लिए शनि पांचवें और छठे भाव के स्वामी होते हैं। वक्री शनि आपको हानि पहुंचा सकते हैं। आपको इस दौरान कोई कानूनी मसलों में घिर सकते हैं। आपको आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक रूप से आप परेशान रह सकते हैं।
इस राशि के जातकों के लिए शनि पांचवें और छठे भाव के स्वामी होते हैं। वक्री शनि आपको हानि पहुंचा सकते हैं। आपको इस दौरान कोई कानूनी मसलों में घिर सकते हैं। आपको आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक रूप से आप परेशान रह सकते हैं।