22 मई, शुक्रवार को ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती है। इसी तिथि पर भगवान शनि का जन्म हुआ था। इससे पहले शनि 11 मई को मकर राशि में वक्री हो चुके हैं, जो 29 सितंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे। वक्री को उल्टी चाल भी कहते हैं। जबकि 24 जनवरी 2020 को शनि 30 वर्षों के बाद स्वयं की राशि में प्रवेश किया था। ऐसे में शनि जयंती से लेकर साल 2020 के आखिरी महीने तक शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव वृषभ राशि के जातकों पर कितना और कब तक रहेगा? आइए जानते हैं।
शनि जयंती 2020: वृषभ राशि पर शनिदेव कितना मेहरबान, जानें साढ़ेसाती और ढैय्या का असर
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 18 May 2020 11:46 AM IST
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