Shani Gochar 2025: ज्योतिष में शनि को सभी ग्रहों में न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है। वह जातक को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। शनि मकर और कुंभ राशि वालों के स्वामी ग्रह भी हैं। इन जातकों पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है। परंतु वह जब भी राशि परिवर्तन करते हैं, तो सभी राशियों 12 को भी शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। बता दें, शनिदेव सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं और वह करीब ढाई वर्षों तक एक राशि में रहते हैं। समय अधिक होने के कारण व्यक्ति पर प्रभाव भी लंबी अवधि तक बना रहता है।
Shani Gochar 2025: 29 मार्च को दुर्लभ संयोग में शनि का गोचर, कष्टों से मुक्ति पाने के लिए करें ये काम
Shani Gochar 2025: ज्योतिष में शनि को सभी ग्रहों में न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है। वह जातक को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। शनि मकर और कुंभ राशि वालों के स्वामी ग्रह भी हैं। इन जातकों पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है।
शनि बीज मंत्र के लाभ
ज्योतिषियों के मुताबिक शनि के बीज मंत्र का जाप करने से जातक को सभी नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा प्राप्त होता है। इसके अलावा जातक को सुख-समृद्धि, करियर में सफलता व कष्टों से मुक्ति भी मिलती हैं। बता दें, शनि के बीज मंत्र से जातक पर साढ़े साती का प्रभाव भी कम होता है।
1. शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ।।
2. शनि गायत्री मंत्र
ॐ शनैश्चराय विदमहे छायापुत्राय धीमहि ।
3. शनि स्तोत्र
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम ।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।।
4. शनि पीड़ाहर स्तोत्र
सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: ।
दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ।।
तन्नो मंद: प्रचोदयात ।।
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।