{"_id":"63fb1794eaaf778acc0f1d86","slug":"shani-dev-favourite-3-zodiac-signs-know-saturn-planet-effects-on-three-rashi-2023-02-26","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Shani Dev: शनिदेव की तीन प्रिय राशियां, हमेशा बरसाते हैं इन पर अपनी कृपा और करते हैं मालामाल","category":{"title":"Predictions","title_hn":"बोले तारे","slug":"predictions"}}
Shani Dev: शनिदेव की तीन प्रिय राशियां, हमेशा बरसाते हैं इन पर अपनी कृपा और करते हैं मालामाल
Sun, 26 Feb 2023 01:56 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 26 Feb 2023 01:56 PM IST
विज्ञापन
Shani Dev
- फोटो : istock
शनिदेव न्याय और कर्मफलदाता ग्रह हैं। यह लोगों को उनके द्वारा किए गए कर्म के आधार पर अच्छा या बुरा फल प्रदान करते हैं। सभी ग्रहों में शनि ही एकमात्र ऐसे ग्रह हैं जो किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि की धीमी चाल से व्यक्ति के ऊपर शनि के शुभ-अशुभ प्रभाव भी ज्यादा दिनों तक रहता है। शनिदेव जिसकी कुंडली में अगर अशुभ भाव में आकर बैठ गए तो जातक को कई तरह की परेशानियां का सामना करना पड़ता है वहीं अगर शनिदेव कुंडली में शुभ भाव में विराजमान हो गए तो व्यक्ति का भाग्य बदल कर रख देते है। शनिदेव के प्रसन्न रहने पर व्यक्ति को जीवन की हर एक खुशियां और ऐशोआराम आराम की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी 12 राशियों में कुछ राशियां ऐसी होती है जिन पर शनिदेव ज्यादा मेहरबान रहते हैं। शनि साढ़ेसाती या ढैय्या चलने पर इन राशियों पर कोई ज्यादा विपरीत असर नहीं पड़ता है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वे राशियां।
rashi
- फोटो : अमर उजाला
तुला राशि
तुला राशि शनिदेव की प्रिय राशियों में से एक होती है। तुला राशि शनिदेव की उच्च की राशि होती है। शनिदेव इस राशि वालों पर हमेशा ही अपनी कृपाद्दष्टि रखते हैं। इस राशि के जातकों के जीवन में शनि देव हर तरह की खुशियां प्रदान करते हैं। कार्यों में असफलताएं मिलने पर इस राशि के लोग ज्यादा निराश नहीं होते हैं क्योंकि उन्हें इस बात का अनुभव रहता है कि ये असफलताएं ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली हैं। इन राशि वालों को भाग्य का अच्छा साथ मिलता है। भाग्याशाली के साथ इस राशि लोग काफी मेहनती और ऊर्जावान होते हैं।
तुला राशि शनिदेव की प्रिय राशियों में से एक होती है। तुला राशि शनिदेव की उच्च की राशि होती है। शनिदेव इस राशि वालों पर हमेशा ही अपनी कृपाद्दष्टि रखते हैं। इस राशि के जातकों के जीवन में शनि देव हर तरह की खुशियां प्रदान करते हैं। कार्यों में असफलताएं मिलने पर इस राशि के लोग ज्यादा निराश नहीं होते हैं क्योंकि उन्हें इस बात का अनुभव रहता है कि ये असफलताएं ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली हैं। इन राशि वालों को भाग्य का अच्छा साथ मिलता है। भाग्याशाली के साथ इस राशि लोग काफी मेहनती और ऊर्जावान होते हैं।
rashi
- फोटो : अमर उजाला
मकर राशि
तुला राशि के बाद शनिदेव की दूसरी प्रिय राशि मकर होती है। इस राशि पर शनि का अशुभ प्रभाव बहुत ही कम देखने को मिलता है। क्योंकि मकर राशि के स्वामी शनिदेव ही होते हैं। स्वामी ग्रह होने के कारण मकर राशि पर शनि जब शुभ स्थान पर होते हैं तो इस राशि के लोग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अच्छी सफलता को प्राप्त करते हैं। भाग्य का अच्छा साथ मिलने से सभी तरह के कार्य फौरन ही पूरे हो जाते हैं।
तुला राशि के बाद शनिदेव की दूसरी प्रिय राशि मकर होती है। इस राशि पर शनि का अशुभ प्रभाव बहुत ही कम देखने को मिलता है। क्योंकि मकर राशि के स्वामी शनिदेव ही होते हैं। स्वामी ग्रह होने के कारण मकर राशि पर शनि जब शुभ स्थान पर होते हैं तो इस राशि के लोग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अच्छी सफलता को प्राप्त करते हैं। भाग्य का अच्छा साथ मिलने से सभी तरह के कार्य फौरन ही पूरे हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
rashi
- फोटो : अमर उजाला
कुंभ राशि
कुंभ राशि के स्वामी ग्रह भी शनिदेव होते हैं। शनिदेव को दो राशियों का स्वामी बनाया गया है। शनिदेव अपनी विशेष कृपा से कुंभ राशि के लोगों को मालामाल करते हैं। कुंभ राशि वालों पर शनिदेव के साथ मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त रहता है। इस राशि के लोगों को किसी भी काम में सफलता पाने के लिए बहुत ही कम प्रयास करने पड़ते हैं। शनिदेव की कृपा के चलते इनको अचानक धन प्राप्ति होता है।
यह भी पढ़ें-
कुंभ राशि के स्वामी ग्रह भी शनिदेव होते हैं। शनिदेव को दो राशियों का स्वामी बनाया गया है। शनिदेव अपनी विशेष कृपा से कुंभ राशि के लोगों को मालामाल करते हैं। कुंभ राशि वालों पर शनिदेव के साथ मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त रहता है। इस राशि के लोगों को किसी भी काम में सफलता पाने के लिए बहुत ही कम प्रयास करने पड़ते हैं। शनिदेव की कृपा के चलते इनको अचानक धन प्राप्ति होता है।
यह भी पढ़ें-
- Astrology: आखिर किस ग्रह के अशुभ होने से होता है मानसिक तनाव ? जानिए उपाय
- Shani in Dhanishtha Nakshatra: मकर,कुंभ, धनिष्ठा नक्षत्र वाले रहें सावधान! शनि ग्रह करेंगे इस नक्षत्र में गोचर
- Astrology: सूर्य-शुक्र की युति गृहस्थ के लिए शुभ क्यों नहीं ? क्यों मिलते है विपरीत परिणाम ?