केतु 18 वर्षों बाद 23 सितंबर, बुधवार को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर धनु राशि की यात्रा समाप्त करके बृश्चिक राशि में प्रवेश रहे हैं जो पृथ्वीपुत्र मंगल की राशि है। ज्योतिष के ग्रंथों में केतु को भी मंगल की तरह ही फल देने वाला पराक्रमी ग्रह बतलाया गया है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में इनका शुभ-अशुभ फल काफी हद तक उसके पूर्व के जन्मों में किये गए कर्मों पर निर्धारित होता है। ये छाया ग्रह हैं और जिस राशि अथवा जिस ग्रह के साथ होते हैं उसी का रूप धारण करके जातक के कर्मों के अनुसार फल देते हैं। जन्म कुंडली में केतु की शुभ-अशुभ भाव में स्थिति उसके जीवन से जुड़ी सफलताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये सूक्ष्म विद्याओं के कारक गणेश प्रिय तथा ईस्ट का दर्शन कराने वाले ग्रह माने गए हैं। इनका राशि परिवर्तन ज्योतिष जगत के लिए बड़ी घटना है अतः इनके बृश्चिक राशि में प्रवेश का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा। इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- राशि से अष्टम भाव में केतु का गोचर काफी मिलाजुला फल कारक रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से अग्नि, विष तथा दवाओं के रिएक्शन से बचना पड़ेगा, महिलाओं को अधिक ध्यान रखना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। धर्म एवं अध्यात्म में गहरी रूचि रहेगी। इनकी धनभाव पर दृष्टि के प्रभाव स्वरूप आकस्मिक धन प्राप्ति के योग बनेंगे। परिवार में अलगाववाद उत्पन्न न होने दें। ससुराल पक्ष से ही रिश्ते सहेज कर रखें। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझा लें तो बेहतर रहेगा।
वृषभ राशि- राशि से सप्तम भाव में केतु व्यापारिक वर्ग के लिए अच्छी सफलता दिलाने वाले सिद्ध होंगे किंतु साझा व्यापार करने से बचें। मित्रों अथवा संबंधियों को भी अधिक धन कर्ज के रूप में देने से बचें। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए गोचर फल अनुकूल रहेगा। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता आएगी किंतु प्रेम विवाह की दृष्टि से निर्णय लेना सार्थक रहेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार से जुड़े हुए कार्यो का निपटारा होगा। सरकारी सर्विस हेतु आवेदन करना चाह रहे हों तो भी गोचर अनुकूल फलदायक रहेगा।
मिथुन राशि- राशि से छठे भाव में केतु का गोचर गुप्त शत्रुओं का शमन करेगा। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। जो लोग आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे थे वही मदद के लिए आगे आएंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंता बढ़ सकती है इसीलिए सावधान रहें। अपनी ऊर्जा शक्ति का पूर्ण उपयोग करते हुए आगे बढ़ेंगे तो सफलता की संभावना सर्वाधिक रहेगी। हानिभाव पर इनकी दृष्टि के प्रभाव स्वरूप भागदौड़ की अधिकता रहेगी। व्यर्थ खर्च करने से बचें। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं।
कर्क राशि- राशि से पंचम भाव में केतु का गोचर आपके लिए अत्यधिक सफलता दिलाने वाला सिद्ध होगा। धर्म एवं अध्यात्म के मामलों में गहरी रूचि रहेगी। काफी प्रबल संभावना है कि आपको अपने ईस्ट का दर्शन भी हो। विद्यार्थियों को शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता प्राप्ति के योग किंतु प्रेम संबंधी मामलों में कुछ विवाद उत्पन्न होंगे। आज के स्रोत बढ़ेंगे नए कार्य व्यापार भी आरंभ करना चाहे तो असर अनुकूल रहेगा। इनकी लाभ भाव पर दृष्टि के प्रभाव स्वरूप गया हुआ धन वापस मिलेगा। संतान संबंधी चिंता परेशान कर सकती है।