मेष राशि- जिन जातकों की जन्मकुंडली में केतु मेष राशि में रहते हैं वे अति साहसी पराक्रमी और बहुउद्यमी होते हैं। जमीन जायदाद से जुड़े हुए कार्यों में उन्हें अच्छी सफलता मिलती है। व्यापार के साथ-साथ ऐसे लोग सरकारी नौकरी में भी अधिक सफल रहते हैं। केतु जातक को सेना तथा पुलिस विभाग के क्षेत्र, जासूसी कार्य तथा गूढ़ विषयों का ज्ञाता बनाते हैं। कई बार जिद एवं आवेश के कारण ऐसे लोग अपने दांपत्य जीवन में स्वयं कटुता पैदा कर लेते हैं। इस राशि में केतु को मंगल की तरह फल देने वाला बलशाली ग्रह माना गया है।
अब 18 महीनों के लिए केतु रहेंगे वृश्चिक राशि में, जानिए 12 राशियों पर केतु का फल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृषभ राशि- इस राशि में केतु का प्रभाव काफी मिला जुला रहता है। कई बार देखा गया है कि स्वास्थ्य विशेष करके सिर की पीड़ा तथा मुख से संबंधित विकारों के प्रति इनका प्रतिकूल प्रभाव रहता है। ऐसे लोग नित्यप्रति नए-नए प्रयोगों रचनात्मक कार्यों में गहरी रुचि लेते हैं। आध्यात्म की तरफ भी इनकी गहरी रुचि रहती है। विलासिता पूर्ण वस्तुओं के क्रय एवं घूमने फिरने पर भी अत्यधिक खर्च करते हैं। प्रेम संबंधी मामलों में बहुत सफलता नहीं मिलती। अपनी कार्यकुशलता के बल पर ऐसे जातकों को बाहरी लोगों से अधिक सम्मान मिलता है।
मिथुन राशि- इस राशि में केतु व्यक्ति को अत्यधिक बुद्धिमान तथा विलक्षण प्रतिभा का धनी बनाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे लोग अच्छा मुकाम हासिल करते हैं। इन्हें समझ पाना कठिन रहता है इसीलिए गोपनीय विभाग में नौकरी के लिए ऐसे लोग अत्यधिक सफल रहते हैं। साधनों के प्रति जागरूक रहते हुए जातक छोटे पद से कार्य आरंभ करते हुए अपनी प्रभुता के बल पर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं। ऐसे जातकों में अपनी वाणी कुशलता से इनमें कठिन से कठिन हालात को नियंत्रित करने की अद्भुत क्षमता रहती है।
कर्क राशि- इस राशि के जातक एकाग्रचित्त वाले, रहस्यवादी तथा समझ से परे होते हैं। ये अपनी योजनाओं तथा रणनीतियों को गुप्त रखने में पूर्णरूप से सफल रहते हैं। स्वास्थ्य के प्रति ऐसे लोगों को हृदय संबंधी विकार कफ तथा निमोनिया आदि जैसे रोगों से सावधान रहना चाहिए। विदेशी कंपनियों में सर्विस करना अथवा विदेशी नागरिकता के लिए ऐसे लोग प्रयास करें तो अधिक सफल रहते हैं। साहित्यिक कार्य, गूढ़ आध्यात्मिक विषयों के जानकार,गीत संगीत, विज्ञान तथा शोधपरक कार्यों में भी ऐसे लोग अपनी पहचान बनाने में सफल रहते हैं।
सिंह राशि- जिन जातकों की जन्म कुंडलियों में केतु सिंह राशि में रहते हैं वे अपने चेहरे पर अलग तरह की आभा रखते हैं। इन पर किसी न किसी दैवी शक्ति की कृपा सदैव बनी रहती है जिसके कारण वे अध्यात्म के क्षेत्र में बहुत आगे तक निकल जाते हैं काफी संभव है कि उन्हें ईश्वर साक्षात्कार भी हो। शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में भी ऐसे जातक पूर्ण सफल रहते हैं। समाज सेवा में भी अच्छी रूचि लेते हैं जिससे पद और गरिमा हमेशा बनी रहती है। ये अपने विचारों तथा वक्तव्यों से दूसरों को अपनी तरफ मोड़ने में पूर्ण रूप से सफल रहते हैं।