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Rahu Ketu Dosh: कुंडली में राहु-केतु के कारण आ रही है परेशानी, इन उपायों से मिलेगी राहु-केतु दोष से मुक्ति

Fri, 09 May 2025 04:35 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 09 May 2025 04:35 PM IST
सार

राहु और केतु के दोष के कारण ही कालसर्प दोष का निर्माण होता है। कालसर्प दोष वह स्थिति है जब सभी ग्रह एक ओर से रेखांकित होते हैं और राहु-केतु के बीच में फंसे रहते हैं, जिससे जातक के जीवन में बड़े संघर्ष उत्पन्न हो सकते हैं।

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Rahu Ketu Dosh in Kundali Astro Remedies To Get Rid Of Rahu Ketu
rahu-ketu dosh upay - फोटो : amar ujala

Astrology Remedies for Rahu Ketu: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन में अशुभ प्रभाव डाल सकते हैं। इन ग्रहों का संबंध व्यक्ति की मानसिक स्थिति, शारीरिक स्वास्थ्य, और पारिवारिक जीवन से होता है। जब किसी जातक की कुंडली में राहु और केतु का अशुभ प्रभाव होता है, तो उसका जीवन कष्टों और परेशानियों से भर जाता है। मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, शारीरिक समस्याएं, और पारिवारिक कलह जैसी दिक्कतें सामने आने लगती हैं।


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साथ ही, ज्योतिष शास्त्र में यह भी कहा जाता है कि राहु और केतु के दोष के कारण ही कालसर्प दोष का निर्माण होता है। कालसर्प दोष वह स्थिति है जब सभी ग्रह एक ओर से रेखांकित होते हैं और राहु-केतु के बीच में फंसे रहते हैं, जिससे जातक के जीवन में बड़े संघर्ष उत्पन्न हो सकते हैं।
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यदि आपकी कुंडली में राहु-केतु की दशा या महादशा चल रही है, तो इस समय इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। इन उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन में शांति, समृद्धि और सुख पा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु दोष को दूर करने के लिए कई प्रभावशाली और सरल उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप इन ग्रहों के दुष्प्रभाव को नियंत्रित कर सकते हैं।
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Rahu Ketu Dosh in Kundali Astro Remedies To Get Rid Of Rahu Ketu
rahu-ketu dosh - फोटो : amar ujala

राहु-केतु दोष के प्रभाव 
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है और इनका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डालता है। आइए जानते हैं कि राहु-केतु दोष के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन पर क्या-क्या असर हो सकते हैं।

राहु का दोष

  • राहु का दोष व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। यदि किसी की कुंडली में राहु का अशुभ प्रभाव है, तो उसे मानसिक तनाव, उलझनें और चिंता का सामना करना पड़ सकता है। राहु का प्रभाव आमतौर पर सोच-विचार को भटका देता है, जिससे व्यक्ति का मानसिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसके कारण व्यक्ति अक्सर नकारात्मक विचारों से घिरा रहता है और उसके मन में अनावश्यक भय और चिंता पैदा हो सकती है।
  • राहु के दोष से व्यक्ति को आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। किसी व्यवसाय में हानि, निवेश में नुकसान या अचानक वित्तीय संकट आ सकता है। राहु के प्रभाव से धन का संचार रुक सकता है या पैसा आता तो है, लेकिन हाथ से फिसलता रहता है। परिवार में भी कलह और तनाव बढ़ने की संभावना होती है। 
  • राहु दोष से शारीरिक समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। बालों का झड़ना, जोड़ों में दर्द, चर्म रोग, और हड्डियों में कमजोरी जैसी बीमारियां हो सकती हैं। व्यक्ति को रीढ़ की हड्डी, नसों और मांसपेशियों से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं। 
Rahu Ketu Dosh in Kundali Astro Remedies To Get Rid Of Rahu Ketu
rahu-ketu dosh upay - फोटो : adobe stock

केतु का दोष

  • केतु भी एक छाया ग्रह है, जिसका प्रभाव शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। केतु के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति के शरीर में कमजोरी आ सकती है। शरीर में दर्द, सूजन, और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसके अतिरिक्त, केतु का दोष व्यक्ति को शारीरिक रूप से थका हुआ और कमजोर बना सकता है। कई बार इसके कारण किसी पुरानी बीमारी का फिर से उभरना भी संभव होता है।
  • केतु दोष से मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। व्यक्ति को मानसिक उलझन, आत्मविश्वास की कमी, और अपार तनाव महसूस हो सकता है। यह भी देखा जाता है कि केतु दोष वाले व्यक्ति को अपनी पहचान और उद्देश्य को लेकर उलझन होती है। उसका आत्ममूल्य कम हो सकता है, और वह अपने कार्यों में असमर्थ महसूस कर सकता है।
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Rahu Ketu Dosh in Kundali Astro Remedies To Get Rid Of Rahu Ketu
rahu-ketu dosh - फोटो : amar ujala

राहु-केतु का संयुक्त प्रभाव
जब राहु और केतु दोनों का प्रभाव किसी व्यक्ति की कुंडली में होता है, तो यह उसके जीवन को और भी जटिल बना सकता है। शरीर और मन में असंतुलन पैदा हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप शारीरिक बीमारियां, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। राहु और केतु का संयुक्त प्रभाव जीवन के सभी क्षेत्रों में विघ्न डाल सकता है और जातक को कठिनाइयों का सामना करवा सकता है।

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rahu-ketu dosh upay - फोटो : adobe stock

राहु-केतु दोष के उपाय

  • राहु और केतु के दोष से बचने और इन ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कई प्रभावी उपाय बताए गए हैं। यदि आपकी कुंडली में राहु-केतु का अशुभ प्रभाव है, तो आप इन उपायों को अपनाकर अपने जीवन में शांति और संतुलन ला सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में। 
  • यदि आपकी कुंडली में राहु का अशुभ प्रभाव है, तो शनिवार के दिन गोमेद रत्न को धारण करें। यह रत्न राहु के दुष्प्रभाव को कम करता है और व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति लाता है।
  • राहु के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए नीले रंग के कपड़े पहनें। नीला रंग राहु के प्रभाव को शांत करता है। वहीं, केतु के दोष को कम करने के लिए गुलाबी रंग के कपड़े पहनें। यह रंग केतु के अशुभ प्रभाव को दूर करने में मदद करता है।
  • राहु-केतु की शांति के लिए घर में भगवान श्री कृष्ण की वह तस्वीर रखें, जिसमें वे शेषनाग के ऊपर नृत्य कर रहे हों। यह चित्र विशेष रूप से राहु-केतु के प्रभाव को शांत करने के लिए प्रभावी माना जाता है। इस तस्वीर की प्रतिदिन पूजा करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इस उपाय से राहु-केतु का उग्र प्रभाव शांत होता है।
  • राहु-केतु के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें। पंचमुखी शिवलिंग के सामने बैठकर ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें। यह उपाय राहु और केतु के दोष को कम करने में बहुत मदद करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
  • कुंडली में राहु के शुभ प्रभाव के लिए शनिवार के दिन व्रत रखें। इस व्रत को कुल 18 शनिवार तक रखना चाहिए। इस दिन काले वस्त्र पहनें और ‘ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः’ मंत्र का जाप करें। यह व्रत राहु के प्रभाव को शांत करता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।
  • केतु के दोष को कम करने और उसके शुभ फल प्राप्त करने के लिए ‘ॐ क्र केतवे नमः’ मंत्र का जाप करें। आप 11 माला या 5 माला का जाप कर सकते हैं। यह उपाय केतु के दोष को दूर करने और अच्छे फल प्राप्त करने में सहायक होता है।
  • राहु और केतु को खुश करने के लिए पितृपक्ष में प्रतिदिन पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें और मिठाई या भोजन चढ़ाएं। यह उपाय आपके पितृ दोष को भी दूर करता है और राहु-केतु के प्रभाव को शांत करता है।



 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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