ग्रहों में युवराज कहे जाने वाले चंद्र पुत्र बुध 28 नवंबर की सुबह 7 बजे तुला राशि की यात्रा समाप्त करके वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 17 दिसंबर दोपहर 11 बजकर 35 मिनट तक विराजमान रहेंगे उसके बाद धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वृश्चिक मंगल ग्रह की राशि है ये बुध को अपना शत्रु मानते हैं। अतः इस राशि में बुध बहुत सहज नहीं रहेंगे। इसलिए पृथ्वी वासियों को इनके गोचर का अप्रत्याशित परिणाम मिलने वाला है। मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीचसंज्ञक कह गए हैं जबकि कन्या राशि इनकी स्वराशि तथा उच्चराशि संज्ञक है। इनके राशि परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
बुध का वृश्चिक राशि में प्रवेश, किसके लिए शुभ और कौन रह सकता है परेशान
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मेष राशि
राशि से आठवें भाव में बुध का गोचर आपके लिए स्वास्थ्य के प्रति विपरीत प्रभाव कारक रहेगा। चर्म रोग, एलर्जी, पेट संबंधी विकार, तथा दवाओं के रिएक्शन का खतरा रहेगा। कार्य क्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा दिया गया धन वापस आने में संदेह रहेगा। भारतीयों को परीक्षा अथवा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता के लिए कठिन प्रयास करने होंगे। अपने ऊपर आलस्य हावी ना होने दें और भाईयों से मतभेद भी न बढ़ने दें।
वृषभ राशि
राशि से सप्तम भाव में बुध का गोचर मिलाजुला फल देगा। हो सकता है ससुराल पक्ष तथा दांपत्य जीवन में कुछ कड़वाहट भी आए किंतु व्यापार की दृष्टि से बेहतर रहेगा। नए अनुबंध पर भी हस्ताक्षर करने के योग। विवाह जैसे मांगलिक कार्यों का शुभ अवसर आएगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों से जुड़े हुए कार्यों का निपटारा होने का संकेत। मकान अथवा वाहन क्रय का संकल्प पूर्ण कर सकते हैं। किसी भी तरह की योजना तब तक गोपनीय रखें जब तक वह पूर्ण ना हो जाए।
मिथुन राशि
राशि से छठे शत्रु भाव में राशि स्वामी बुध का जाना किसी न किसी तरह से स्वास्थ्य पर तो विपरीत प्रभाव डालेगा ही पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का कारण भी बन सकता है। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझा लें तो बेहतर रहेगा। विदेशी कंपनियों में नौकरी अथवा विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन करना सफल रहेगा। धर्म-कर्म के मामलों में रुचि बढ़ेगी दान-पुण्य भी करेंगे। कष्ट कर यात्रा के योग। अधिक खर्च से बचें अन्यथा आर्थिक तंगी से इनकार नहीं किया जा सकता।
कर्क राशि
राशि से पंचम भाव में बुध का गोचर शिक्षा-प्रतियोगिता सफलता के साथ में कई तरह के अप्रत्याशित परिणाम दिलाएगा, इसलिए पढ़ाई में आलस्य बिल्कुल न आने दें। व्यापारियों के लिए गोचर बेहतरीन रहेगा आय के स्रोत बढ़ेंगे। सफलता में वृद्धि तो होती रहेगी फिर भी साझा व्यापार करने से बचें। किसी भी तरह के अनुबंध पर नियम और शर्तों को पूरी तरह पढ़ लेने के बाद ही हस्ताक्षर करें। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।