नवग्रहों में बुद्धि, वाणी एवं व्यापार के कारक ग्रह बुध अपनी स्वराशि कन्या की यात्रा समाप्त करके 22 सितंबर को सायं 04 बजकर 53 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस गोचार काल में ये 14 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 30 मिनटपर वक्री होंगे और 3 नवंबर की रात्रि 11 बजकर 15 मिनट पर पुनः मार्गी होंगे। वक्री-मार्गी अवस्था में भोग करते हुए बुध तुला राशि पर 1 माह 24 दिन तक गोचर करेंगे उसके बाद 28 नवंबर की सुबह 07बजकर 02 मिनट पर बृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। तुला शुक्र की राशि है जिनसे इनकी परस्पर मित्रता है अतः जिनकी जन्म कुंडलियों में बुध की स्थिति अच्छी है उनके लिए शुभफल ही प्राप्त होंगे किंतु अशुभ स्थिति में फल उतने अच्छे नहीं कहे जाएंगे। मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीच राशि के माने गए हैं जबकि कन्या राशि इनके लिए उच्चराशि है। इनके राशि परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- राशि से सप्तम भाव में बुध का गोचर आपके लिए बेहतरीन सफलता दिलाने वाला सिद्ध होगा। नए कार्य-व्यापार का आरंभ तो कर ही सकते हैं। नौकरी में भी परिवर्तन चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रशिक्षित कार्यो का निपटारा होगा। विदेश यात्रा अथवा विदेशी नागरिकता के लिए भी आवेदन करना सफल रहेगा। आपकी राशि पर इनकी सप्तम दृष्टि पड़ रही है इसलिए स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ सकती है सावधान रहें। शादी विवाह से संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी।
वृषभ राशि- राशि से छठे शत्रु भाव में बुध का गोचर मिलाजुला फल कारक रहेगा। अधिक कर्ज के लेन-देन से सावधान रहें। स्वास्थ्य के प्रति भी सतर्क रहें। गुप्त शत्रु भी बढ़ेंगे। आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे। विद्यार्थियों को शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता हासिल करने के लिए और कठिन प्रयास करने होंगे। प्रेम संबंधी मामलों में भी मनमुटाव बन सकता है। संतान संबंधी चिंता परेशान कर सकती है। इनकी हानिभाव दृष्टि के प्रभावस्वरूप अत्यधिक खर्च तथा कष्टकर यात्रा के योग।
मिथुन राशि- राशि से पंचम भाव में बुध का गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विद्यार्थियों को तो शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता हासिल होगी। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग बन रहे हैं। काफी दिनों से प्रतीक्षित पड़े हुए कार्यो का निपटारा होगा। धर्म-कर्म के मामलों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान पुणे भी करेंगे। इनकी लाभभाव पर पूर्ण दृष्टि के प्रभाव स्वरूप बड़े भाइयों से आर्थिक सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारियों से भी मधुर संबंध बनाए रखें।
कर्क राशि- राशि से चतुर्थभाव में बुध का गोचर उतना लाभ नहीं दे पाएगा जितनी आप आशा कर रहे हैं किंतु, मकान-वाहन खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। मित्रों अथवा संबंधियों से सहयोग मिलेगा। इनकी कर्मभाव पर पूर्ण दृष्टि के प्रभाव स्वरूप कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। नया व्यापार भी आरंभ करना चाह रहे हों अथवा किसी भी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। समाज के प्रतिष्ठित लोगों तथा शीर्ष अधिकारियों से अच्छे संबंध बनेंगे।