महान पराक्रमी ग्रह पृथ्वीपुत्र मंगल 2 जून की सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। कर्क राशि इनकी नीच संज्ञक राशि है। इस राशि पर ये 20 जुलाई की शायं 6 बजकर 52 मिनट तक गोचर करेंगे, उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सभी ग्रहों में मंगल अकेले ऐसे ग्रह हैं जो नीचराशि पर गोचर करते समय कई बार नीच भंग योग का लाभ प्राप्त करते हैं क्योंकि, इस राशि के स्वामी चंद्रमा जैसे-जैसे केंद्र और त्रिकोण में गोचर करते हैं इनका नीचराशि योग भंग हो जाता है। अतः इनसे संबंधित अच्छे और बुरे दोनों तरह के फल जातक को प्राप्त होते हैं। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल कर्क राशि में ही नीचराशि तथा मकर राशि में उच्च राशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका विश्लेषण करते हैं।
राशि परिवर्तन: दो जून को मंगल का कर्क राशि में प्रवेश, जानें किस राशि पर कैसा पड़ेगा प्रभाव?
मेष राशि
राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। किसी भी तरह का पारिवारिक कलह तथा अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न न होने दें। जमीन जायदाद से संबंधित मामलों का निपटारा होगा। मित्रों तथा संबंधियों से अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। यात्रा सावधानीपूर्वक करें। सामान चोरी होने से बचाएं।
वृषभ राशि
राशि से पराक्रम भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव उस समय अधिक फलदाई रहेगा जब आपकी राशि से चंद्रमा केंद्र और त्रिकोण में गोचर करेंगे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा छोटे भाइयों से मतभेद न होने दें। छोटे भाई के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि की संभावना रहेगी और वह धन समय पर नहीं मिलेगा।
मिथुन राशि
राशि से धन भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। झगड़े विवाद से दूर रहें, कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझा लेना समझदारी होगी। जमीन-जायदाद से जुड़े मामले उलझ सकते हैं। अपनी जिद एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। पारिवारिक कलह के कारण मानसिक अशांति के भी योग। स्वास्थ्य विशेष करके दाहिनी आंख से संबंधित बीमारी से बचें।
कर्क राशि
आपकी राशि के लिए योगकारक मंगल का स्वयं नीचराशिगत होना मिलाजुला फल प्रदान करेगा। जब-जब चंद्रमा केंद्र और त्रिकोण में गोचर करेंगे आपके लिए बेहतरीन सफलता दायक रहेंगे। स्वास्थ्य के प्रति हमेशा चिंतनशील रहना होगा। अपने स्वभाव में उग्रता न आने दें। केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों में सर्विस के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो संयोग अच्छा है। विवाह से संबंधित वार्ता में कुछ अड़चने आ सकती हैं।