kundli me budh grah importance and impact in life: आपने अक्सर उन लोगों को देखा होगा, जो बातूनी तो होते ही हैं बल्कि अपने विशेष बोलने की कला से हर महफिल को लूट भी लेते हैं। दरअसल, आज की दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण है संचार, जिसे अंग्रेजी में कम्यूनिकेशन कहा जाता है। अगर आप अच्छी बातचीत करने का हुनर जानते हैं, तो यकीन मानिए आप ना केवल करियर में बल्कि बिजनेस के क्षेत्र में भी सफलता हासिल कर सकते हैं।
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Mercury: करोड़ों का कारोबार खड़ा कर देगा बुध, कुंडली में है बलवान तो हर शख्स सुनेगा आपकी बात
Tue, 20 May 2025 03:03 PM IST
मेघा कुमारी
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Tue, 20 May 2025 03:03 PM IST
सार
Mercury: ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है।
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ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, संवाद, गणित, तर्क, और व्यापार का कारक ग्रह माना जाता है।
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ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं।
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बुध ग्रह का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है।
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है।
बुध के चतुर्थ भाव में होने पर जातक के भौतिक सुख में वृद्धि होती हैं और वह बलवान बनाता है।
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वहीं बुध के चतुर्थ भाव में होने पर जातक के भौतिक सुख में वृद्धि होती हैं और वह बलवान बनाता है। साथ ही उसकी गणना अच्छे व्यापारियों के रूप में भी होती हैं। परंतु बुध ग्रह की कमजोर स्थिति जातक को व्यापार में असफल बनाती हैं। वह करियर, जीवन, शिक्षा और प्रेम जीवन में भी कई परेशानियां झेलता हैं।
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यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है।
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क्या है बुध कमजोर होने के लक्षण ?
यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।
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कुंडली में बुध को मजबूत करने के खास उपाय
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कुंडली में बुध को मजबूत करने के खास उपाय
- बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
- बुधवार के व्रत रखें।
- बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
- रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
- बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
- यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
- बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
- रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
- बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
- हरी मूंग की दाल का दान करें।