विक्रम संवत् 2076 के दस पदाधिकारियों में से तीन पद पर (नीरशेष — धातुओं के स्वामी, धनेश — कोष के स्वामी और शश्येष — चौमासा फसलों के स्वामी) विराजमान पृथ्वी पुत्र मंगल का अस्त होना बड़ी ज्योतिषीय घटना है। मंगल दिनांक 11 जुलाई की मध्य रात्रि 04:36 पर पश्चिम दिशा की ओर अस्त होंगे, जो 23 अक्टूबर को सुबह 06:36 मिनट पर पूर्व में उदय होंगे। इनके अस्त होने से भारतीय व्यापार, मानसून की पैदावार और हीरे जवाहरात और धातुओं के व्यापार पर गहरा असर पड़ेगा।
अस्त होकर मंगल कुछ राशियों को करेंगे खुशहाल तो कुछ को रखेंगे फटेहाल, जानें अपना भी हाल
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मेष
मंगल के अस्त होने पर आपको कार्यों में थोड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान आप अत्यधिक थकान महसूस करेंगे, लेकिन ध्यान रहे कि आज का काम कल पर टालने से बचें नहीं तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। सेहत पर विशेष ध्यान दें।
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वृष
मंगल के अस्त होते ही इस राशि के लोगों को मानसिक तनाव से मुक्ति मिलना प्रारंभ हो जाएगी। रुके हुए कार्य बनने लगेंगे और आकस्मिक धन प्राप्ति के योग भी बनेंगे।
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मिथुन
मंगल के अस्त होने का इस राशि को अपनी वाणी पर अत्यधिक नियंत्रण रखना होगा, नहीं तो बनते काम बिगड़ जाएंगे। इस दौरान इस राशि के लोग महंगी वस्तु खरीद या बेच सकते हैं। नेत्र विकार से बचें।
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कर्क
मंगल अस्त होने के बाद कर्क राशि के जातकों को अत्यधिक सतर्क रहना होगा। उन्हें अपनी रणनीतियों को पूरी तरह से गुप्त रखना होगा। साथ ही कार्य के प्रति तन-मन और धन से समर्पित रहना होगा। यदि ऐसा करते हैं तो निश्चित रूप से बड़ी सफलता मिलेगी।
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