महान ग्रह बृहस्पति अपनी स्वराशि धनु की यात्रा समाप्त करके आज 20 नवंबर, शुक्रवार को दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर अपनी नीच राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं। मकर राशि शनि देव की राशि है और शनि स्वयं वर्तमान समय में इसी राशि पर गोचर कर रहे हैं अतः बृहस्पति के आ जाने से शनि और गुरु की एक साथ युति फलित ज्योतिष में अप्रत्याशित परिणाम दिलाने वाली सिद्ध होगी।
आज 20 नवंबर को गुरु का मकर राशि में प्रवेश, जानिए किसके आएंगे अच्छे दिन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेष राशि
राशि से दशमभाव में बृहस्पति का गोचर आपके लिए कई तरह के शुभ-अशुभ परिणाम दिलाने वाला सिद्ध होगा। इनके द्वारा नौकरी में स्थान परिवर्तन का भी योग बन रहा है। जमीन-जायदाद से जुड़े हुए मामलों का सहजता से निपटारा हो जाएगा। मकान-वाहन खरीदने का भी संकल्प पूर्ण कर सकते हैं। कार्य व्यापार की दृष्टि से तो बेहतर रहेगा किंतु, शीर्ष नेतृत्व से संबंध बिगड़ने न दें। अपनी जिद्द एवं आवेश को नियंत्रण में रखते हुए कार्य करेंगे तो चीजें सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
वृषभ राशि
राशि से भाग्यभाव में गुरु का गोचर अप्रत्याशित परिणाम दिलाने वाला सिद्ध होगा। कई बार आपका कार्य होते होते रुक जाएगा और आपके अपने ही लोग अड़चनें पैदा में लगे रहेंगे। धर्म-कर्म के मामलों में भी कुछ उदासीनता आ सकती है इसे बढ़ने न दें। विदेश यात्रा तथा विदेशी नागरिकता से संबंधित कार्य चाह रहे हों तो संपन्न हो जाएंगे। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। शिक्षा प्रतियोगिता में भी आशातीत सफलता मिलेगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।
मिथुन राशि
राशि से अष्टमभाव में नीचराशिगत बृहस्पति कई तरह के मिले-जुले फल प्रदान करेंगे। रोजगार तथा नौकरी में भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा किंतु, आर्थिक पक्ष में मजबूती आएगी। विलासितापूर्ण वस्तुओं का क्रय भी करेंगे। कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह के झगड़े विभाग अथवा आरोप प्रत्यारोप से दूर ही रहें। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। जोड़ों में दर्द, हृदय विकार तथा गैस आदि की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है।
कर्क राशि
राशि से सप्तमभाव में गुरु का गोचर आपकी सामाजिक पद प्रतिष्ठा में अत्यधिक वृद्धि कराएगा। पुरस्कार प्राप्ति के भी योग। कार्यक्षेत्र में भी वर्चस्व बढ़ेगा। कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना चाह रहे हों अथवा किसी बड़े अनुबंध पर भी हस्ताक्षर करना चाहे तो उसदृष्टि से गोचर किसी वरदान से कम नहीं है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित पड़े हुए कार्यो का निपटारा होगा। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा और विवाह संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी।