ज्योतिष में शनि और गुरु का स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों ही ग्रह बहुत ही प्रभावशाली होते हैं। दोनों ही बहुत धीमी चाल से चलते हुए एक राशि से दूसरी राशि में अपना स्थान परिवर्तन करते हैं। शनि ढाई साल में राशि बदलते हैं तो वहीं गुरु 12 से 13 महीने के अंतराल में एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में जाते हैं। ऐसे में गुरु और शनि की युति का होना एक महासंयोग से कम नहीं है। 29 मार्च 2020 को गुरु मकर राशि में प्रवेश कर चुके है। शनि 24 जनवरी से ही मकर राशि में है। ऐसे में शनि और गुरु की युति बहुत सालों के बाद हुई है। गुरु करीब तीन महीने की यात्रा के करने के बाद 30 जून को वक्री अवस्था में फिर से धनु राशि में आ जाएंगे। गुरु और शनि का यह मिलन लगभग 59 साल के बाद हुआ है।
शनि- गुरु की युति से पांच राशि के लोग रहें संभलकर, 59 साल बाद ऐसा संयोग
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 21 Apr 2020 04:54 PM IST
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