सभी ग्रह दोषों से मुक्ति दिलाने वाली 'महाशिवरात्रि' का पावन पर्व 21 फरवरी, शुक्रवार को है। समस्त ब्रह्मांड, तारामंडल ग्रह मंडल आदि परमेश्वर श्रीशिव के द्वारा निर्मित और उन्हीं के आधीन है। इन्हीं के संकेत मात्र से प्राणियों के जीवन में ग्रह अपना गोचर शुभाशुभ प्रभाव दिखाते हुए फल देते हैं। वर्तमान वर्ष 2020 में आपकी राशि के ग्रह गोचर जिसमें शनिदेव की साढ़ेसाती, इनकी ढैया, महादशा अंतर्दशा प्रत्यंतर दशा, मारकेश ग्रह की दशा और अशुभ योगकारक ग्रह की दशा के साथ साथ अन्य ग्रहों के अशुभ गोचर के क्रूर प्रभाव से बचने के लिए आपकी राशि के अनुसार किन-किन पदार्थों से श्रीशिव का अभिषेक करना शुभ रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- आपकी राशि के ग्रह गोचर के अनुसार शनिदेव आपके कर्म भाव में विचरण कर रहे हैं, जो माता पिता के स्वास्थ्य के लिए कुछ अशुभ कारक हैं। यह आपके कार्य की गति को भी मंद कर सकते हैं अतः इनके साथ-साथ आपके राशि स्वामी मंगल एवं भाग्य भाव में गोचर करते हुए वृहस्पति के प्रभाव में भी वृद्धि हो उसके लिए आपको अनार के रस, गन्ने के रस, एवं शहद से श्री शिव का रुद्राभिषेक करना अति शुभ रहेगा।
वृषभ राशि- वर्तमान समय में आपके अष्टमभाव में शुभ-अशुभ ग्रहों का प्रभाव सर्वाधिक रहेगा। जिसके फलस्वरूप आपके अधिकतर कार्य होते होते रुक जाया करेंगे और लोग आपके खिलाफ षड्यंत्र करते रहेंगे। प्रभावस्वरूप आपको मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ेगा इसलिए, सभी ग्रहों का प्रभाव आपके लिए शुभ हो इसके लिए, दूध, गुलाब जल, सुगंधित पदार्थ, शहद एवं पंचामृत से श्री शिव का अभिषेक करना अति शुभ रहेगा।
मिथुन राशि- वर्तमान ग्रह गोचर के अनुसार कई अशुभ ग्रहों का प्रभाव आपकी राशि पर चल रहा है किंतु, सर्वाधिक दुष्प्रभाव शनिदेव का रहेगा जो आपके अष्टम आयुभाव पर गोचर कर रहे हैं इनका अशुभ प्रभाव आपके स्वास्थ्य, मान सम्मान और कार्य व्यापार पर असर करेगा। मांगलिक कार्यों में अड़चन न आए और दैनिक व्यापार भी लाभदायक रहे इसके लिए आपको गाय के घी, पंचामृत, गन्ने के रस अथवा दूध से अभिषेक करना शुभ रहेगा।
कर्क राशि- आपकी राशि के अनुसार राहु और वृहस्पति का तो अशुभ प्रभाव रहेगा ही, शनिदेव की मारक दृष्टि भी आप पर पड़ रही है जो आपके स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल है, इसलिए वर्ष आपको अत्यधिक सावधानी के साथ हर कार्य करने अथवा निर्णय लेने की ओर संकेत दे रहा है इस राशि के स्वामी चंद्रमा है जो भगवान शिव के मस्तक पर विराजते हैं, ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए दूध, दही, गुलाब जल एवं सुगंधित तेल से अभिषेक करना अति शुभ रहेगा।