ज्योतिषीय संसार में गुरु को एक महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है जिसकी चाल से देश और दुनिया के आने वाले समय के बारे में बताया जाता है। दिसंबर 2019 में जब गुरु ने राशि परिवर्तन किया तो इस खगोलीय घटना को कोरोना से जोड़कर देखा गया। गुरु- शनि की युति ने इस महामारी को आगे बढ़ाया। कुछ विशेषज्ञों का गत वर्ष भी यह मानना था कि जब तक शनि अपनी दो राशियों मकर और कुंभ से बाहर नहीं निकलते तब तक कोरोना और जनांदोलन चलते रहेंगे। यह सिलसिला 2022 तक चलने की संभावना है।
Guru Transit 2021: 6 अप्रैल से कुंभ राशि में गुरु, जानिए किन राशियों के लिए आएंगे अच्छे अवसर
बृहस्पति 6 अप्रैल को मकर राशि की यात्रा समाप्त करके कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इस राशि पर ये 13 सितंबर तक गोचर करेंगे। अपनी इस यात्रा के मध्य ये 20 जून की रात्रि 8 बजकर 28 मिनट पर वक्री होंगे और उसी अवस्था में चलते हुए पुनः 14 सितंबर की दोपहर 2 बजकर 28 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बीते 13 महीनों से मकर राशि में शनि के साथ चल रहे बृहस्पति पांच अप्रैल 2021 दिन सोमवार को रात्रि 11 बजकर 22 मिनट पर अपनी राशि बदलकर कुंभ में आ जाएंगे। यद्यपि कुंभ राशि भी शनि की राशि है जो बृहस्पति की शत्रु राशि है। इसलिए देश और दुनिया के लिए अभी माहौल नहीं बदलेगा। अभी 13 महीने और यथावत चलता रहेगा। बृहस्पति 20 जून को वक्री होकर 14 सितंबर को पुनः मकर राशि में वापस आएंगे और 20 नवंबर तक मकर में ही रहेंगे, किंतु 20 नवंबर से और 13 अप्रैल 2022 तक कुंभ में ही विचरण करेंगे। इस राशि परिवर्तन का विभिन्न राशियों पर असर होगा।
मेष: व्यवसाय अथवा नौकरी करने वाले व्यक्तियों को उनके परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। संतान प्राप्ति के योग बनेंगे। घर में धार्मिक-मांगलिक कार्य का अवसर आ सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है, प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त होने की उम्मीद है। आर्थिक रूप से ये गोचर आपके लिए अधिक अनुकूल है। संभावना है कि एक से अधिक आय के साधनों में वृद्धि हो।आप अपनी कई महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति करने में सफल रहेंगे। विदेशी स्रोतों से आपको धनलाभ हो सकता है।
15 सितंबर से 20 नवंबर तक ये आपके दशम भाव को प्रभावित करेंगे। ऐसे में आपको अपने कार्यक्षेत्र में कई समस्याएं आ सकती हैं, क्योंकि वहां पहले से मौजूद शनिदेव आपको भ्रमित करने का कार्य करेंगे।आपको अपने काम पर अधिक फोकस करने की जरूरत होगी। आपके पिता को स्वास्थ्य कष्ट दे सकते हैं।वर्ष के अंत में यानी 20 नवंबर को आपको अपने भाग्य का साथ मिलेगा। यह समय आपके लिए सबसे बेहतरीन समय साबित होगा। आपको अपने प्रेम जीवन में भरपूर सफलता मिलेगी। साथ ही दांपत्य जीवन में भी सुख की प्राप्ति होगी। लेकिन इस समय जितना संभव हो, अपने आलस्य को त्यागें अन्यथा नुकसान होगा। एकादश भाव में मौजूद गुरु बृहस्पति आपको अपार धन लाभ कराएगा।
वृष: समय-समय पर लाभ प्रतिष्ठा और सम्मान की प्राप्ति होगी। धन लाभ के नए-नए स्रोत बनेंगे। जमीन-जायदाद से जुड़े रुके कामों का निपटारा होगा, समाज में मान सम्मान मिलेगा, नौकरीपेशा से जुड़े लोगों को पदोन्नति मिल सकती है और व्यापार में भी लाभ होने की संभावना है। घर-परिवार में खुशियां और शांति।nआर्थिक पक्ष कुछ कमजोर हो सकता है। 15 सितंबर को गुरु बृहस्पति वक्री होते हुए वापस मकर में विराजमान हो जाएंगे। वो वहां वर्ष के अंत तक यानी 20 नवंबर तक उसी अवस्था में रहेंगे। इस दौरान आपको अनेक यात्राओं पर जाने का मौका मिलेगा।
पिता को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों में वृद्धि होगी। हालांकि आपके लिए यह अवधि शुभ रहेगी और आपको भाग्य का साथ मिलेगा। आपकी रुचि अध्यात्म की ओर बढ़ेगी। इसके बाद जब 20 नवंबर को गुरु बृहस्पति मार्गी होते हुए पुन: कुंभ में लौट आएंगे ,इससे कार्यक्षेत्र में बदलाव की स्थिति बनेगी। यदि आप नौकरी बदलने का सोच रहे थे तो स्थानांतरण के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख और शांति वापस लौट आएंगे। माता-पिता का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
मिथुन: धन लाभ लगातार होता रहेगा, किंतु व्यय की भी अधिकता रहेगी। घर में मंगल कार्यों में व्यस्त होने के योग हैं। आपकी धर्म-कर्म के मामलों में रुचि बढ़ेगी। सरकारी काम जो रुके हुए हैं वो पूरे हो जाएंगे, आपकी रणनीतियां कारगर साबित होंगी, नौकरी में तरक्की और आय के नए स्त्रोत बनने की उम्मीद है। जीवनसाथी से संबंध बेहतर होंगे। छात्रों को पढ़ाई के सिलसिले में घर से दूर जाना पड़ सकता है। 15 सितंबर से 20 नवंबर तक मकर राशि में वापस विराजमान हो जाएंगे जिससे स्वास्थ्य संबंधित कई तरह की परेशानियां तकलीफ दे सकती हैं।
धन के मामले में भी कुछ दिक्कत होगी।ससुराल पक्ष में किसी का स्वास्थ्य परेशान करेगा। पिता के लिए भी यह समय अच्छा नहीं है। 20 नवंबर से आपकी परेशानी काफी हद तक कम हो जाएंगी। आपके भाग्य में वृद्धि होगी जिससे सभी काम बनने शुरू होंगे। पिता को लाभ मिलेगा। दांपत्य जीवन के लिए भी समय शुभ फल देगा। उसमें खुशियां आएंगी और आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। आप धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते दिखाई देंगे, साथ ही प्रेम संबंधों में भी भरपूर सफलता प्राप्त होगी।