जुलाई का महीना ज्योतिषीय घटनाक्रमों से भरा हुआ है। पंचांग के अनुसार 19 जुलाई को गुरु पुष्य नक्षत्र के दूसरे पद में प्रवेश करेंगे, जहां पर ये 3 अगस्त तक रहेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु को शुभ ग्रहों में एक माना जाता है। गुरु भाग्य, धन, धर्म, विस्तार, विवाह और ज्ञान के कारक ग्रह हैं, जो अभी इस समय कर्क राशि में विराजमान हैं। आपको बता दें कि गुरु जहां एक राशि में करीब 13 महीनों तक रहते हैं वहीं ये एक निश्चित अंतराल पर नक्षत्र परिवर्तन भी करते हैं। गुरु अभी कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में हैं। 19 अगस्त तक गुरु पुष्य नक्षत्र के चारों पदों में प्रवेश करेंगे जिसके कारण सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर इसका असर देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में एक शुभ नक्षत्र माना जाता है। यह पुष्य नक्षत्र सुख, समृद्धि और वृद्धि का कारक माना जाता है। आइए जानते हैं गुरु के पुष्य नक्षत्र के दूसरे पद में गोचर करने से किन-किन राशि वालों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
गुरु का पुष्य नक्षत्र के दूसरे पद में गोचर, जानिए किन राशियों को होगा सबसे ज्यादा लाभ
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 04 Jul 2026 04:24 PM IST
सार
ज्ञान और मान-सम्मान के कारक गुरु जल्द ही पुष्य नक्षत्र के दूसरे पद में प्रवेश करेंगे जिससे कुछ राशि वालों की आर्थिक स्थिति आने वाले दिनों में काफी बेहतर रहेगी।
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