ग्रहों की युति को ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। सभी ग्रह एक निश्चित अंतराल पर एक से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। जिससे देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव देखने को मिलता है। आपको बता दें कि देवताओं के गुरु बृहस्पति इस समय मिथुन राशि में विराजमान हैं। गुरु किसी एक राशि में करीब 13 महीनों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। इस बीच गुरु संग किसी न किसी ग्रह के साथ युति या फिर द्दष्टि संबंध बनता है। जिससे खास तरह के योगों का निर्माण होता है। ग्रहों की युति से कई राशि वालों को लाभ मिलता है।
अर्धकेंद्र योग बनने से इन राशि वालों की बदलेगी किस्मत, गुरु-बुध के योग से बना चमत्कारी संयोग
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 04 Sep 2025 01:00 PM IST
सार
पंचांग गणना के मुताबिक 4 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर गुरु और बुध एक दूसरे से 45 अंश पर होंगे, जिस कारण से अर्धकेंद्र योग का निर्माण होता है।
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