ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में शुभ और अशुभ दोनों योग बनते हैं। शुभ योग को राजयोग और अशुभ योग को विष योग के नाम से जाना जाता है। अगर किसी की कुंडली में राजयोग के साथ विष योग भी है तो व्यक्ति कभी भी सुख नहीं भोग पाता है। विष योग शनि और चंद्रमा के कारण बनता है।
कुंडली के 12 अशुभ संकेत, जिससे व्यक्ति कभी अमीर नहीं बन पाता
- दूसरे भाव में चंद्र-शनि का योग होने से व्यक्ति का जीवन साधारण रहता है।
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- कुंडली के चौथे भाव में चंद्र-शनि का योग शुभ फल दे सकता है।
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- पंचम भाव में विष योग होना संतान के लिए शुभ नहीं होता है।
- छठे भाव में चंद्र-शनि विष योग होने पर धन की हानि होती है।
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- सप्तम भाव में ये चंद्र-शनि विष योग होने पर बीमारी हो सकती है।
- अष्टम भाव में विष योग होने पर व्यक्ति को सांप से सावधान रहना चाहिए।
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