मुलायम सिंह यादव का परिवार देश के सबसे बड़े राजनीतिक घरानों में से एक माना जाता है और उसकी एकजुटता की मिसालें सत्ता-सदनों में बरसों से दी जाती थी। लेकिन अभी उत्तर-प्रदेश में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम ने मुलायम परिवार की कलह को न केवल खुलकर सामने ला दिया है बल्कि पार्टी के भविष्य पर भी संशय पैदा कर दिया है। मुलायम सिंह के बेटे और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अपने चाचा शिवपाल यादव से मतभेदों ने समाजवादी पार्टी को एक गहरे संकट में डाल दिया है।
चाचा भतीजे की लड़ाई में जाने वाली है अखिलेश की कुर्सी, ये है कारण
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मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखे तो समाजवादी पार्टी की स्थापना कुंडली 4 अक्टूबर 1992 , 11 बज कर 40 मिनट लखनऊ की है। धनु लग्न की इस कुंडली में चंद्रमा लग्न में राहु-केतु के अक्ष में स्थित है। राहु-केतु जैसे पाप ग्रहों के कुंडली के लग्न और चंद्र पर प्रभाव के कारण इस पार्टी को समाज के पिछड़े वर्गों तथा मुस्लिम समुदाय का विशेष समर्थन मिलता रहा है।
चाचा भतीजे की लड़ाई में जाने वाली है अखिलेश की कुर्सी, ये है कारण
मंगल की लग्न पर दृष्टि के कारण समाजवादी पार्टी में दबंग नेताओं की भी कोई कमी नहीं रही है। लेकिन वर्तमान में चल रही शनि की साढेसाती तथा मंगल-शुक्र की विंशोत्तरी दशा ने पार्टी के भीतर न केवल बड़े संकट पैदा किए हैं बल्कि इसकी छवि को भी बिगाड़ने का काम किया है।
चाचा भतीजे की लड़ाई में जाने वाली है अखिलेश की कुर्सी, ये है कारण
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अखिलेश यादव
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अखिलेश यादव की जन्म कुंडली पर दृष्टि डालें तो पता चलता है कि इनका जन्म 1 जुलाई 1973 को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर इटावा उत्तर प्रदेश में कन्या लग्न और मिथुन राशि में हुआ है। अखिलेश यादव वर्तमान में बुध-शनि-राहु की कठिन दशा से गुजर रहे हैं। बुध इनकी कुंडली में शुक्र के साथ लाभ भाव में राजयोग बनाकर स्थित है।
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Rahul is good human being, says Akhilesh Yadav, Congress denied for alliance
लेकिन अंतर्दशा नाथ शनि और प्रत्यंतर दशा नाथ राहु दोनों अशुभ स्थिति में चतुर्थ-दशम के अक्ष पर बैठकर इनके कार्यक्षेत्र को खराब कर रहे हैं। आने वाले कुछ दिनों में अखिलेश यादव के सरकार चलाने के विषयों को लेकर अपने पिता और चाचा से मतभेद और बढ़ सकते हैं।