अंग्रेजी कैलेंडर का सातवां महीना जुलाई ज्योतिष के नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण रहने जा रहा है। जुलाई के महीने में चार बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। महीने के पहले सप्ताह में ग्रहों के राजकुमार माने जाने वाले बुध ग्रह का राशि परिवर्तन होगा। बुध 7 जुलाई को मिथुन राशि में इसके बाद इसी महीने में एक बार फिर से 25 जुलाई को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। बुध ग्रह के बाद ग्रहों के राजा सूर्य भगवान अपनी राशि बदलेंगे। 16 जुलाई को सूर्य चंद्रमा की राशि कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जहां पर इस राशि में वे एक महीने तक विराजमान रहेंगे। सूर्य के बाद सुख और भोग प्रदाता ग्रह शुक्र सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। जुलाई महीने का आखिरी ग्रह परिवर्तन मंगल का होगा। 20 जुलाई को मंगल सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
Planet Transit In July 2021: जानिए जुलाई में कब कौन सा ग्रह बदलेगा राशि और इसका प्रभाव
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7 जुलाई को बुध मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे फिर इसके बाद 25 जुलाई को दोबारा राशि परिवर्तन करेंगे इस बार ये कर्क राशि में गोचर करेंगे। बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक ग्रह हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है। वैदिक ज्योतिष में बुध को मार्केटिंग, बुद्धि कौशल, व्यवसाय, प्रबंधन, और संचार आदि का कारक माना गया है। बुध को तटस्थ ग्रह माना गया है। जिस किसी की कुंडली में बुध अनुकूल स्थिति में रहते हैं व्यक्ति को बुद्धिमानी और तार्किक ढंग से निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं।
16 जुलाई को सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि के स्वामी सूर्य तुला राशि में नीच राशिगत संज्ञक तथा मेष राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। सूर्य के कर्क राशि में अपना स्थान बदलने के कारण कई राशियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा।
शुक्र का राशि परिवर्तन
वैदिक ज्योतिष में शुक्र को सौंदर्य, सुख और विलासिता का कारक माना गया है। 17 जुलाई को शुक्र सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि सूर्य की राशि है। वृषभ और तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीचराशिगत तथा मीन राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर वैवाहिक जीवन में सुख बना रहता है और सभी तरह के ऐशोआराम और भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है, वहीं कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने पर वैवाहिक जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं। शुक्र ग्रह भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा जैसे नक्षत्रों के स्वामी ग्रह हैं। बुध और शनि शुक्र ग्रह के मित्र जबकि सूर्य और चंद्रमा शत्रु ग्रह माने जाते हैं।
ज्योतिष में मंगल ग्रह का विशेष महत्व होता है। मंगल ग्रह को उग्र ग्रह माना गया है। 20 जुलाई को मंगल सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को सभी ग्रहों का सेनापति का दर्जा मिला हुआ है। इसके अलावा मंगल ग्रह को पृथ्वी पुत्र कहा जाता है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल ग्रह शुभ भाव में होते हैं ऐसे लोग काफी बुद्धिमान, प्रतापी और ऊर्जावान होते हैं। ज्योतिष में मंगल को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी माना जाता है। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ग्रह कर्क राशि में ही नीच के और मकर राशि में उच्च राशि के माने जाते हैं।