जिस तरह से ज्योतिषशास्त्र में राशि का महत्व होता है उसी प्रकार अंकशास्त्र में अंकों का विशेष स्थान होता है। जैसे नाम के अनुसार राशि होती है वैसे ही हर अंक के अनुसार अंक ज्योतिष में
नंबर होते हैं।
मूलांक व्यक्ति के जन्म की तारीख का योग होता है अर्थात जिस तारीख को आपका जन्म हुआ होगा उस तारीख का योग ही आपका
मूलांक कहलाता है।
मन अशांत रहेगा। सहोदरों से मतभेद रहेंगे। यात्रा में कष्ट होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धन हानि संभव है।
मान सम्मान की चिंता रहेगी। मन दुखी रहेगा। छाती में विकार संभव है। परिवार में शांति बनाए रखें।
भाग्य सहायक रहेगा। समाज में मान सम्मान बढ़ेगा। विरोधी शांत रहेंगे। इष्ट मित्रों का समागम रहेगा।
मानसिक तनाव बना रहेगा। स्वजनों से मतभेद रहेंगे। विरोधी से बचें। धन हानि व नेत्र कष्ट संभव है।