जिस तरह से ज्योतिषशास्त्र में राशि का महत्व होता है उसी प्रकार अंकशास्त्र में अंकों का विशेष स्थान होता है। जैसे नाम के अनुसार राशि होती है वैसे ही हर अंक के अनुसार अंक ज्योतिष में
नंबर होते हैं।
मूलांक व्यक्ति के जन्म की तारीख का योग होता है अर्थात जिस तारीख को आपका जन्म हुआ होगा उस तारीख का योग ही आपका
मूलांक कहलाता है।
घरेलू कार्यों की पूर्ति में विलंब होगा। व्यवसाय में पूंजी का अभाव रहेगा। जीवन साथी से मतभेद रहेंगे।
कार्य विशेष में अभिन्न मित्र का सहयोग मिलेगा। आर्थिक क्षेत्र में उन्नति होगी। व्यवसाय में लाभ बढ़ेगा।
कार्यक्षेत्र में संघर्षपूर्ण स्थिति रहेगी। व्यवसाय में उत्तम लाभ होगा। शत्रु परास्त होंगे। शिक्षा में रुचि रहेगी।
मन में आशा का संचार होगा। आर्थिक क्षेत्र में उन्नति होगी। व्यावसायिक विस्तार व लाभ से हर्ष होगा।