फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Kundali Dosh: जीवन में ये कुंडली दोष लाते हैं परेशानियां, जानिए प्रभाव और निवारण के उपाय

Mon, 06 Dec 2021 05:11 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 06 Dec 2021 05:11 PM IST
विज्ञापन
kundali dosh brings trouble in life know the effects and remedies according to astrology
Kundali Dosh Remedies - फोटो : kundali

Kundali Dosh Remedies: ग्रहों कि दिशा और दशा के आधार पर कुंडली आपका भविष्य बताती है।  कुंडली में ग्रहों की दशा, दिशा और उसकी स्थिति कुंडली शुभ और अशुभ योग बनाती है। जो अशुभ योग होते हैं उन्हें दोष कहते हैं। जैसे काल सर्प दोष, नाड़ी दोष, पितृदोष, श्रापित दोष, मंगल दोष आदि अनेक प्रकार के दोष कुंडली में देखे जाते हैं।


कुंडली में दोष बनने का कारण ग्रहों की नकारात्मक स्थिति होती है। जब कोई ग्रह नीच भाव में हो या फिर आपके लग्न और राशि को पाप ग्रह सीधे देख रहे हों तो ऐसी स्थिति कुंडली में दोष उत्पन्न करती हैं। ऐसी मान्यता भी है यह दोष इस जन्म के साथ-साथ पूर्व जन्म से भी जुड़े हो सकते हैं।
क्या आप जानते हैं कि कालसर्पदोष और मंगल दोष यदि दोनों ही आपकी कुंडली में हों तो आपके जीवन में बहुत ही ज्यादा कष्ट उत्पन्न होते हैं। आइए आज जानते हैं कि काल सर्प दोष या मंगल दोष आपके जीवन पर क्या प्रभाव डाल सकते हैं और इससे बचने के उपाय क्या हैं।

kundali dosh brings trouble in life know the effects and remedies according to astrology
काल सर्पदोष के प्रभाव - फोटो : istock

काल सर्पदोष के प्रभाव
यदि किसी जातक की कुंडली में राहु और केतु की स्थिति के आधार पर कालसर्प दोष है तो इसका प्रभाव जातक के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर पड़ता है। न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि पेशेवर जीवन में समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। मानसिक अशांति, धन की कमी, संतान होने में समस्या और वैवाहिक जीवन में परेशानियां, कुंडली में काल सर्प दोष प्रभाव के रूप में देखने को मिलती हैं। चूंकि कालसर्प दोष के 12 प्रकार हैं, तो इन दोषों के आधार पर ही प्रभाव भी देखने को मिलता है। साथ ही दोष का प्रभाव राहु और केतु के दशा या अन्तर्दशा के दौरान अधिक बढ़ जाता है। ये प्रभाव इतने शक्तिशाली होते हैं कि व्यक्ति को कई बार आत्महत्या करने के लिए उकसाते हैं। यदि समय पर इस दोष का निवारण न किया जाए तो व्यक्ति को संघर्ष करते हुए जीवन व्यतीत करना पड़ता है।

kundali dosh brings trouble in life know the effects and remedies according to astrology
कालसर्प दोष के निवारण के उपाय (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

कालसर्प दोष के निवारण के उपाय

  • यदि आपकी कुंडली में भी काल सर्प दोष है तो आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं-
  • रविवार, पंचमी तिथि और अश्लेषा नक्षत्र के दिन नागराज और अन्य सर्प देवताओं की पूजा करें।
  • शनिवार या पंचमी पर 11 नारियल नदी में अर्पित करें।
  • अन्न का दान करना उत्तम है, पशुओं को खाना खिलाना, पेड़ों की रक्षा करना भी काल सर्प योग से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करेगा।
  • पंचाक्षरी मंत्र, ॐ नमः शिवाय का जाप करें। इसके साथ ही रोजाना नियमित रूप से  108 बार महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • हर शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।
  • किसी पवित्र नदी पर धातु से बने नाग और नागिन  के 108 जोड़े चढ़ाएं।  काल सर्प दोष को दूर करने में गायत्री मंत्र का जप भी महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन
kundali dosh brings trouble in life know the effects and remedies according to astrology
कुंडली में मांगलिक दोष का प्रभाव - फोटो : Rohit Jha

मांगलिक दोष का प्रभाव
जब किसी की कुंडली के लग्न भाव, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में मंगल स्थित हो तो कुंडली में मांगलिक दोष लगता है। यह दोष विवाह के लिए बहुत अशुभ माना जाता है। विवाह में बाधा और वैवाहिक जीवन में कलह आदि मंगल दोष के सामान्य अशुभ प्रभाव हैं, लेकिन जब इस दोष में प्रबलता हो तब विवाह विच्छेदन की स्थिति बन सकती है। कुछ उपाय करके इस दोष के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है। जातक का जीवन मंगल के कारण उतार-चढ़ाव से भरा हो सकता है। मंगल ग्रह विनाशकारी प्रवृत्तियों के लिए भी जाना जाता है, और यह जिस घर में है, उसके लाभकारी प्रभाव को कम करेगा। जिस व्यक्ति की कुंडली मांगलिक दोष होता है, वह शासक की तरह व्यवहार करता है और घर में परेशानियों का कारण बनता है।

विज्ञापन
kundali dosh brings trouble in life know the effects and remedies according to astrology
मांगलिक दोष निवारण के उपाय (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मांगलिक दोष निवारण के उपाय

  • यदि किसी जातक की कुंडली में मांगलिक दोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है तो उसे निम्न उपाय करने चाहिए-
  • प्रतिदिन 108 बार मंगल मंत्र का जाप करें। मंत्र है- ऊँ अं अंगारकाय नम: "या" ऊँ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: "
  • प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से मांगलिक दोष का प्रभाव काम हो सकता है।
  • यदि जातक की कुंडली में मांगलिक दोष ज्यादा प्रबल है तो उसे सोने की धातु में मूंगा रत्न धारण करना चाहिए।
  • जिनकी कुंडली में मांगलिक दोष है उन्हें कुंभ विवाह की सलाह भी दी जाती है।
  • मंगलवार को लाल वस्तुओं और मिठाई का दान करना चाहिए।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed