ज्योतिष में नौ ग्रहों के नौ रत्न बताए गए हैं। इन रत्नों को धारण करके हम ग्रहों की कमजोर स्थिति में होने वाली समस्याओं से निजात पा सकते हैं साथ ही रत्नों का प्रयोग भाग्य चमकाने के लिए भी किया जाता है। हर रत्न का अपना एक अलग प्रभाव और अलग फायदे-नुकसान होते हैं। लेकिन हर रत्न को हर व्यक्ति धारण नहीं कर सकता है। ज्योतिष में ग्रह नक्षत्रों की गणना करने के साथ ही राशि के अनुसार रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है क्योंकि बिना जानकारी के रत्न धारण करने पर आपको फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। ज्योतिष में दो रत्नों को बहुत ही शक्तिशाली माना गया है। ये रत्न आपको जितना फायदे पहुंचा सकते हैं बिना जानकारी के धारण करने पर उतना नुकसान भी कर सकते हैं तो चलिए जानते हैं इन रत्नों के बारे में....
ज्योतिष में इन दो रत्नों को माना गया है सबसे ज्यादा शक्तिशाली, जानिए इनका आपके ऊपर प्रभाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हीरा धारण करने के प्रभाव और फायदे
नवरत्नों में यह रत्न सबसे ज्यादा कीमती माना गया है। हीरा कोयले की खानों में पाया जाने वाला एक कठोर चमकीला पत्थर होता है। जिसकी कटिंग करके उसे और भी सुंदर बनाया जाता है। इस रत्न की सुंदरता और चमक के कारण लोगों में इसे धारण करने का खासा प्रचलन है।
ज्योतिष में हीरा को शुक्र ग्रह का रत्न माना जाता है। शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-समृद्धि का ग्रह माना गया है, इसलिए जीवन में ग्लैमर और धन की प्राप्ति के लिए यह रत्न अचूक माना जाता है। इसे धारण करने से सुख , सौन्दर्य और संपन्ना की प्राप्ति होती है। इस रत्न का प्रभाव सीधे आपके वैवाहिक जीवन और रक्त पर होता है।
हीरा धारण करने में सावधानियां और नुकसान
- हीरे को लोग आभूषण के रूप में धारण करते हैं लेकिन ज्योतिष के अनुसार बिना परामर्श के केवल फैशन और दिखावे के लिए हीरा धारण नहीं करना चाहिए।
- जिन लोगों को मधुमेह या रक्त की समस्या होती है, उन्हें भी हीरा धारण नहीं करना चाहिए।
- हीरा हमेशा 21 वर्ष के बाद और 50 वर्ष की उम्र से पहले तक धारण करना अच्छा माना जाता है।
- जिन लोगों के दाम्पत्य जीवन में समस्याएं हैं उन्हें किसी से सलाह लेने के बाद ही हीरा धारण करना चाहिए नहीं तो इसके प्रभाव से दांपत्य जीवन में समस्याएं और भी बढ़ सकती हैं।
इस तरह का हीरा दे सकता है नुकसान
हीरा एक चमकीला पत्थर हैं इसलिए हीरा जितना साफ सफेद हो उतना ही लाभ देता है। हीरा पहनते समय ध्यान देना चाहिए कि उसमें किसी भी तरह का दाग नहीं होना चाहिए न ही हीरा कहीं से टूटा या चटका हुआ हो। ऐसा हीरा धारण करने से आपको अपयश या दुर्घटना का समाना करना पड़ सकता है।
हीरे के साथ मूंगा या गोमेद धारण नहीं करना चाहिए, नहीं तो यह आपके चरित्र पतन दे सकता है।
जानिए क्यों धारण करते हैं नीलम
नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न माना गया है। शनि की अच्छी स्थिति आपको हर तरफ से फायदा दिलवाती है तो वहीं शनि की वक्र दृष्टि के कारण जीवन में आपको बहुत कष्ट सहन करना पड़ सकता है। इसलिए नीलम को शक्तिशाली रत्न माना गया है। यह चमकीले नीले रंग का रत्न होता है। शनि दोष के नकारात्मक प्रभाव से छुटकारा पाने और शनि ग्रह की स्थिति को संतुलित करने के लिए नीलम रत्न धारण किया जाता है।
नीलम धारण करने से पहले आपको किसी योग्य ज्योतिष से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। बिना सलाह को इसको धारण करने बहुत ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। गलत सलाह या बिना जानकारी के नीलम धारण करने से जीवन छिन्न भिन्न भी हो सकता है।
- नीलम को हमेशा कुंडली के तत्वों और शनि की स्थिति की जांच करवाने के बाद ही धारण करना चाहिए।
- नीलम को हमेशा लोहे या फिर चांदी में धारण करना चाहिए। लोग सोने में भी नीलम धारण करते हैं लेकिन सोने में नीलम धारण करना ज्यादा अनुकूल नहीं रहता है।
- नीलम शनिग्रह का रत्न है इसलिए इसको शनिवार मध्य रात्री में धारण करना उपयुक्त रहता है।
- अगर आपको नीलम धारण करना है तो उससे पहले उसे शनिदेव या फिर शिव जो को समर्पित अवश्य करें।
- नीलम को बायें हाथ में पहनना चाहिए। नीलम धारण करने के साथ जल तत्व का रत्न जरूर धारण करें।
- चौकोर नीलम पहनना ज्यादा अच्छा माना जाता है।